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सफाई अव्यवस्था पर महिलाओं ने आयुक्त को सुनाई खरी-खरी
वार्ड 22 |क्षेत्र की महिलाओं ने जताया रोष, कहा- शिकायत के बाद भी नहीं होता है समाधान
जिलेभरमें 2 अक्टूबर से शुरू हुए संपूर्ण स्वच्छता अभियान फोटो खिंचाने तक ही सिमित रह गया है। शुरुआत में नगर परिषद की ओर से जोर-शोर से शुरू हुआ सफाई अभियान अब दम तोड़ता दिखाई दे रहा है। सफाई अव्यवस्था को लेकर वार्ड 22 की परेशान महिलाएं शुक्रवार को नगर परिषद पहुंची और आयुक्त को खरी-खरी सुनाई।
वार्ड 22 की महिलाएं शुक्रवार सुबह 11 बजे नगर सभापति कमलेश डोसी से मिलने गई। लेकिन सभापति के सरकार जयपुर कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त रहने से नहीं मिले। परेशान महिलाएं वार्ड पार्षद नेता प्रतिपक्ष उदय लाल अहीर के पास पहुंची और वार्ड में फैली गंदगी और खस्ताहाल नालियों की समस्या से अवगत कराया। वार्ड में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर रोष व्यक्त किया।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उदयलाल अहीर को लेकर आयुक्त के कक्ष में पहुंची। वहां उन्होंने आयुक्त से अहीर मोहल्ले की टूटी नालियों और वार्ड में फैली गंदगी से निजात दिलाने की बात कहीं। जब आयुक्त ने नियमित सफाई होने का दावा किया तो महिलाए आक्रोशित हो गई और वार्ड का निरीक्षण करने और जगह-जगह गंदगी के ढेर, टूटी नालियां नालियों में जमा कचरा देखने की बात कहीं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उदयलाल अहीर ने आयुक्त को बताया कि वार्ड 22 में कई स्थानों पर नालियां जाम है, जिससे पानी रोड पर बह रहा है।
कई जगह नालियां पुरानी होने से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बोर्ड बैठक में कई बार वार्ड में नालियों की मरम्मत की बात कहीं, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। आक्रोशित महिलाओं ने संपूर्ण स्वच्छता के खोखले दावों और चरमराई सफाई को लेकर नगर सभापति आयुक्त को खूब कोसा। करीब बीस मिनट चली बहस में महिलाओं ने शहर में चौपट हुई सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग की। महिलाओं ने सफाई व्यवस्था नहीं सुधारने पर आंदोलन की चेतावनी दी। महिलाओं ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए वार्ड में कचरा पात्र लगाने की मांग की।
^भाजपा बोर्ड ने साढे़ चार साल के कार्यकाल में कांग्रेस वार्डो के साथ सौतेला व्यवहार किया है। पूरे कार्यकाल में कांग्रेस बोर्ड द्वारा कराए कार्यो को तोड़कर नया बनाने और अपने चहते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के अलावा कोई कार्य नहीं किया है। एक ही सड़क को साल में दो बार बनाकर सरकारी रुप