अस्पतालों में गंदगी का आलम, प्रसव कक्ष तक बदतर
उपकरण नहीं, दीवार पर अनुमान से नापी जा रही लंबाई
गंदगी और अव्यवस्था पर लगाई फटकार
यहां बदले हालात
लैब में नहीं हो रही जांच
थड़ा और सिद्धपुरा में एंटी स्नेक वेनम फ्रिज में मिली
जिलेकी सीएचसी पीएचसी की दुर्दशा बुधवार को जिला प्रभारी के निरीक्षण में सामने आई। जिला प्रभारी डॉ. रफीक मोहम्मद जिले की सीएचसी पीएचसी पर निरीक्षण करने पहुंचे। उस दौरान कहीं गंदगी फैली हुई थी तो कहीं दवाइयां गलत ढंग से रखी हुई थी। जयपुर निदेशालय से मंगलवार को एमएनडीवाई के नोडल प्रभारी जिला प्रभारी डॉ. रफीक मोहम्मद कार्यक्रम की प्रतापगढ़ में निगरानी के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने मंगलवार को थड़ा सीएचसी पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थड़ा सीएचसी पर चहुं ओर गंदगी फैली मिली। अस्पताल में बॉयो वेस्ट निस्तारण, डिलीवरी रूम के प्रोटोकाल मानक विहीन थे। साफ सफाई की कमी, हाजिरी और रिकार्ड का संधारण तक सही नहीं मिला। जिला प्रभारी ने फटकार के साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त नहीं करने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने के लिए कह दिया। कमोबेश यही हालत सिद्धपुरा पीएचसी पर भी देखने को मिला। वहां भी कई कमियां सामने आई।
प्रतापगढ. थडामें इंमरजेंसी वार्ड फैली गंदगी।
^दो दिवसीय औचक निरीक्षण के दौरान सीएचसी पीएचसी सब सेंटरों पर कई अनियमितता और गंदगी मिली है। सभी चिकित्सा कर्मियों चिकित्सकों को वार्निंग दी गई है। हालात नहीं सुधरे तो कार्रवाई निश्चित तौर पर अमल में लाई जाएगी। डॉ.रफीक मोहम्मद,जिला प्रभारी नोडल प्रभारी, एमएनडीवाई चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय, जयपुर
औचक निरीक्षण के दूसरे दिन बुधवार को जिला प्रभारी डॉ. रफीक मंदसौर रोड स्थित पीएचसी और सब सेंटरों का दौरा किया। इस दौरान मोखमपुरा सबसेंटर पर एसडीआर रजिस्टर में त्रुटियां मिली। बीपी और वेट मशीन जैसे उपकरण सही हालत में नहीं मिले। हालात इस कदर बिगड़े थे कि बीपी और वेट मशीन तक ठीक नहीं थे। इसी तरह कुणी पीएचसी पर अव्यवस्थाएं मिली। पीएचसी पर कई जरूरी उपकरण नहीं थे। पुराने समान कंडम नहीं किए गए थे। पीएचसी पर डिलीवरी भी नहीं हो रही थी। सबसे बड़ा नजारा दीवारों पर देखने को मिला। यहां पर लंबाई नापने और दूसरे कामों के लिए दीवारों की मदद ली जा रही थी। अवलेश्वर में खून से जुड़ी कई जांचे नहीं हो रही थी।
प्रतापगढ. मोखमपुरामें रिकार्ड जांचते प्रभारी।
जिला प्रभारी डॉ. मोहम्मद बिफर गए और उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों की जमकर क्लास ली। व्यवस्थाओं पर जवाब तलब कर गंदगी और दुर्दशा का कारण पूछा। जिन्होंने संतोषप्रद जवाब दिया उनको वार्निंग मिली।
बाकियों की कारस्तानी डायरी में दर्ज कर ले गए।
जिला प्रभारी डॉ. रफीक मोहम्मद ने बताया कि दो माह पूर्व पीपलखूंट सीएचसी पर निरीक्षण किया था। उस समय वहां हालात बद से बदतर थे। नियमित मॉनीटरिंग और कार्रवाई के डर से अब अस्पताल के हालात बदल गए है। सीएचसी पर सभी मानको और साफ सफाई का मॉडल बन चुका है।
निरीक्षण के दौरान अवलेश्वर पीएचसी के हालात भी ठीक नहीं थे। गंदगी के साथ ही साफ सफाई की स्थिति बिगड़ी हुई मिली। कई ऐसी दवाइयां जिनको सामान्य तापमान पर रखना था, वो फ्रिज में मिली। जांचों के मामले में पीएचसी ने सारे रिकार्ड ही तोड़ रखे थे। यहां पर लैब टेक्निशयन ने कई दिन से जांच नहीं करना बताया। इसी के साथ जो जांचे की हुई थी उनमें भी गल्तियां मिली। ईएसआर जैसी जरूरी जांच तक पीएचसी पर नहीं की जा रही थी। इस पर उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई।
जिला प्रभारी डॉ. रफीक को थडा सिद्धपुरा निरीक्षण के दौरान सर्पदंश में काम आने वाली एंटी स्नैक वेनम जैसी दवाइयों को थड़ा और सिद्धपुरा अस्पताल में फ्रिज में मिली, जबकि ये वेनम इंजेक्शन सामान्य तापमान में ही रखी जानी थी। इसके बावजूद मेडिकल प्रोटोकॉल नियमों के अनुरूप दवाइयों का उचित रख रखाव नहीं पाया गया। ऐसे में सर्पदंश का इंजेक्शन उतना कारगर नहीं होता है, जितना होना चाहिए।