परस्पर उलझे भाजपा कांग्रेसी कार्यकर्ता
मतदातासूची में नाम जोड़ने फर्जी नाम हटाने के संबंध में प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई के दौरान भाजपा कांग्रेसी कार्यकर्ता तहसीलदार के सामने उलझ गए। दोनों पक्षों में तीखी तकरार होती रही। बाद में तहसीलदार ने दोनों पक्ष के नेताओं को कक्ष से बाहर निकाल दिया तथा आपत्तियों की सुनवाई बंद कमरे में की।
आगामी नवंबर में नगर पालिका बोर्ड के लिए होने वाले चुनाव के लिए तैयार की जा रही मतदाता सूची में भाजपा नेताओं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में नाम जुड़ाने तथा फर्जी नाम कटाने के लिए आपत्तियां प्रस्तुत की थीं। सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं तहसीलदार गजराज सिंह सौलंकी ने सोमवार को आपत्तियों की वार्ड वार सुनवाई की। इस दौरान आपत्तिकर्ता संबंधित पक्षों के अलावा दोनों राजनीतिक दलों के नेता भी कक्ष में पहुंच गए तथा हस्तक्षेप करने लगे। इस बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में उलझ गए तथा विवाद गहराने लगा। इस पर तहसीलदार ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं से समझाइश की तथा उन्हें कक्ष से बाहर निकाल दिया। बाद में बंद कमरे में आपत्तियों की सुनवाई की गई। तहसीलदार के मुताबिक शीघ्र ही मौके पर भौतिक सत्यापन के लिए टीम भेजी जाएगी। उधर एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष विवेक पाराशर ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र प्रेषित कर राजनैतिक द्वेष से मतदाता सूची में किसी भी मतदाता का नाम नहीं काटने का आग्रह किया है।
पुष्कर. मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने या हटाने संबंधी आपत्तियों की सुनवाई के दौरान तहसीलदार के समक्ष आपस में उलझते कांग्रेसी भाजपा कार्यकर्ता।