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रंगारंग कार्यक्रम पुरस्कार वितरण

7 वर्ष पहले
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पुष्करपशु मेला गुरुवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ। पशुपालन विभाग की ओर से गुरुवार को खचाखच भरे मेला मैदान में आयोजित समापन समारोह कृषि एवं पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश्वर सिंह के मुख्य आतिथ्य हुआ। अध्यक्षता संभागीय आयुक्त धमेंद्र भटनागर ने की।

पशुपालन विभाग के निदेशक डाॅ. राजेश मान, अति. निदेशक प्रभुदयाल, जिला पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौधरी, मेला मजिस्ट्रेट संजय माथुर समेत अनेक प्रशासनिक अधिकारी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत पुष्कर की विभिन्न स्कूलों की करीब 125 छात्राओं ने सामूहिक राजस्थानी नृत्य घूमर की प्रस्तुति से की। इसके बाद पर्यटन विभाग की ओर से अश्व ऊंट परेड का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विभिन्न कलाकारों ने राजस्थानी लोक कला एवं संस्कृति की छटा बिखेर मेलार्थियों का मनोरंजन किया। कच्ची घोड़ी, चकरी, कालबेलिया, आदिवासी नृत्य, बीकानेर के रौबीला राजस्थानी सरदारों का प्रदर्शन, गैर नृत्य, ऊंट दौड़ प्रतियोगिता, अश्व प्रदर्शन समेत अनेक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। समारोह में अतिथियों ने मेले के दौरान आयोजित विभिन्न पशु खेलकूद प्रतियोगिताओं समापन समारोह में कार्यक्रम की प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों को प्रशस्ति पत्र स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा अतिथियों ने मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के आरंभ में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक एवं मेला अधिकारी डॉ. गुलाब चंद जिंदल ने अतिथियों का स्वागत किया।

विदेशीमेहमानों ने गाए भजन

पुष्करमेले में सहज प्रचार -प्रसार कार्यक्रम के तहत आयोजित भजन संध्या में साउथ अफ्रीका समेत देश के अन्य शहरों से आए सहज योगियों ने स्टॉल लगाकर भजनों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण यह रहा कि साउथ अफ्रीका से आए सहज परिवार के सदस्य जिन्हें हिंदी भी ठीक से बोलना नहीं आता, उन्होंने एकाग्र होकर भजनों की प्रस्तुतियां देकर मेलार्थियों को चौंका दिया। सहज संत बेनर्ड एवं ल्यूका ने... जय गणेश, जय गणेश..., नमामि श्री गणराज दयाल नमामि.., गणेशा गणेशा..., जागो कुंडलिनी मां...आदि की प्रस्तुति दी। इन्होंने बताया कि माताजी निर्मला देवी