पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रायपुर में डेंगू का एक और संदिग्ध रोगी मिला

रायपुर में डेंगू का एक और संदिग्ध रोगी मिला

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | रायपुर मारवाड़

क्षेत्रमें बुधवार को डेंगू का एक और संभावित रोगी मिला। प्राइवेट लैब की जांच रिपोर्ट में रोगी को डेंगू पॉजिटिव बताया गया है, लेकिन सरकारी चिकित्सकों की माने तो क्षेत्र के किसी भी लैब में फिलहाल एेसे उपकरण ही नहीं जो डेंगू की सही जांच कर पाए। एेसे में मरीज को जिला स्तर या संभाग स्तर के किसी अस्पताल में फिर से जांच की आवश्यकता है।

सुबहकरवाई जांच : ग्रामके मानाबारी निवासी पप्पूदास को पिछले सात दिन से बुखार ने जकड़ रखा है। इस दौरान उसने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले कुछ चिकित्सकों को दिखाया और उनका उपचार लिया। दवा लेते ही बुखार से आराम मिल जाने के चलते वह बीमारी के प्रति गंभीर नहीं रहा। मंगलवार को ग्राम के एक किशोर को डेंगू की बीमारी हो जाने की जानकारी मिलते ही वह रायपुर के राजकीय अस्पताल पहुंचा और बीमारी की जानकारी दी। इस पर चिकित्सकों ने रक्त की जांच करवाने को कहा। सरकारी अस्पताल में करवाई गई जांच में भी मरीज की प्लेट रेट काफी कम मिली, लेकिन डेंगू के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं लिखा गया। इस पर उसने अस्पताल के सामने स्थित एक निजी लैब में रक्त की जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में लेब टेक्रिशियन ने मरीज को डेंगू से पीड़ित बताया। शेष|पेज13



इसपर वह सरकारी अस्पताल के एक चिकित्सक के घर पहुंचा। चिकित्सक ने रिपोर्ट देखकर उसे डेंगू से प्रभावित बताया और उपचार भी दिया।

नहींहै सुविधा

जानकारोंके अनुसार डेंगू पॉजिटिव की जांच करने के लिए बड़े पैमाने पर उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है। लैब में ऐसे उपकरण कम से कम जिला अस्पतालों में ही मिलते हैं। इसके चलते पीएचसी या सीएससी पर डेंगू की जांच कर पाना मुश्किल है, लेकिन मरीज की प्लेट रेट में भारी गिरावट, लाल रक्त कणिकाओं और श्वेत रक्त कणिकाओं में गिरावट डेंगू का संकेत दे देती है। एेसे रोगी को संभावित रोगी की श्रेणी में रखा जाता है और उसे तुरंत जिला या संभाग स्तर के राजकीय अस्पताल में पुन: जांच करवाने की सलाह दी जाती है। जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए जाने पर रक्त से लाल, श्वेत और प्लेटलेट अलग कर रोगी को सिर्फ प्लेटलेट चढाए जाते हैं।

फिजीशियनभी नहीं

गौरतलबहै कि रायपुर उपखंड मुख्यालय स्थित राजकीय अस्पताल में पिछले करीब दो साल से फिजीशियन का पद ही रिक्त पड़ा है। एेसे में डेंगू या अन्य किसी बुखार से पीड़ित मर