पत्नी उसके साथी की जमानत खारिज
पतिको आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने की आरोपी महिला उसके कथित प्रेमी की जमानत अर्जी एसीजेएम ने खारिज कर दी। यह मामला हाई कोर्ट के आदेशों से दर्ज हुआ था तथा इस पर भी पुलिस ने एफआर लगा दी थी जिसे मजिस्ट्रेट ने पुन: अनुसंधान करने के आदेश दिए तो मामले का खुलासा हुआ था।
मुकलावा के पशु चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारी रामकुमार की 21 मार्च 2008 को संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई थी। जिसमें उसकी प|ी ने नशे की गोलियां खाने का आदि होने की सूचना दी थी। पुलिस ने इस मामले में मर्ग दर्ज कर अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। परंतु मृतक की मां पैमादेवी ने इस मामले में मृतक रामकुमार की प|ी मनोहरी देवी उसके कथित प्रेमी विनोद कुमार पर साजिश के तहत हत्या करने का संदेह जताते हुए उच्च न्यायालय में गुहार की थी। उच्च न्यायालय के आदेशों पर पुलिस ने वर्ष 2009 में मुकदमा दर्ज कर जांच की लेकिन इसमें भी एफआर लगा दी। मृतक के विसरा की एफएसएल रिपोर्ट जाने से मजिस्ट्रेट ने एफआर को स्वीकृत नहीं कर पुन: कुछ बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान के आदेश दिए। इस पर तत्कालीन मुकलावा एसएचओ भवानीसिंह ने जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने गए।
जांच में मनोहरी देवी के चाल चलन से रामकुमार के दुखी होने की बात सामने आयी तथा वह उसकी मृत्यु के बाद ही विनोद के साथ प|ी के रुप में रहने लगी। पुलिस ने इस मामले में मनोहरी देवी विनोद कुमार को दोषी मानते हुए गत 11 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
मृतकके स्थान पर लगी सरकारी नौकरी
मनोहरीदेवी ने रामकुमार की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित नौकरी पशु पालन विभाग में पा ली तथा वर्तमान में वह समेजा के पशु चिकित्सालय में कार्यरत थी।