• Hindi News
  • गोष्ठी में अपराध और व्यसन मुक्त समाज बनाने पर चर्चा

गोष्ठी में अपराध और व्यसन मुक्त समाज बनाने पर चर्चा

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
किशोरसंवर्ग में परामर्श के माध्यम से अच्छी आदतों का निर्माण कर व्यसन एवं अपराध मुक्त समाज का सृजन किया जा सकता है। प्रबुद्ध नागरिक विचार मंच एवं तुलसी साधना शिखर समिति की तरफ से रविवार को शिखर परिसर में सामाजिक दायित्व निर्वहन विषयक संगोष्ठी में यह बात सामने आई।

संगोष्ठी की अध्यक्षता सर्वोदयी विचारक जीतमल कच्छारा ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि समाज सेवी जगदीश लड्ढा, शिक्षा विद् चतुर कोठारी एवं अफजल खां अफजल थे। संगोष्ठी के प्रारंभ में मंच के समन्वयक राजकुमार दक ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति में सजगता और सतर्कता के भाव व्यवहार में जाए तो कई बुराइयों पर अंकुश लगाया जा सकता है। वर्तमान में बालक-बालिकाओं में चारित्रिक भावों का हृास हो रहा है उससे उनमें सामाजिक मूल्यों में कमी देखी जा रही है। ऐसे में कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों, विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके माध्यम से नियमित काउन्सलिंग की आवश्यकता जताई।

मंच सह समन्वयक दिनेश श्रीमाली ने कहा कि किशोरावस्था के समय परिवार, विद्यालय और समाज सभी स्तर पर सृजनात्मक गतिविधियों के साथ परामर्श दिया जाए तो उसकी भावी दिशा और दशा दोनों में सकारात्मक बदलाव संभव है। शिखर कार्याध्यक्ष भंवरलाल वागरेचा ने कहा कि जल स्वावलम्बन की दिशा में सभी समाज जनों एवं धार्मिक संगठनों को सक्रियता से सामूहिक प्रयास करने चाहिए एवं वर्षा जल को भी संरक्षित करने के उपाय करने होंगे। लीलेश खत्री, गिरिजाशंकर पालीवाल, कल्याणमल विजयवर्गीय ने मोहल्लों में घूमने वाले अनजान लोगों पर निगाह रखने के साथ भिक्षावृति पर भी अंकुश की आवश्यकता बताई। पर्यावरण संवर्धन के लिए बीज छिड़काव पर सहमति बनी। राजनगर बस स्टैंड पर रोडवेज के साथ महानगरों की ओर जाने वाली ट्रैवल्स बसों के ठहराव को सुनिश्चित करने पर आवश्यकता जताई। फव्वारा चौक से यात्री बैठने पर हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। संगोष्ठी में डॉ. बालकृष्ण गर्ग, भंवरलाल वागरेचा, मोहम्मद इकबाल, बृजलाल कुमावत, विमल जैन, महेन्द्रसिंह सुराणा, रणजीतसिंह जादौन, मनोहर कुमावत, ख्यालीलाल मेहता ने भी विचार रखे।