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मैं हसीन वादियों में खोना चाहता हूं...

7 वर्ष पहले
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राजसमंद। राजस्थानसाहित्यकार परिषद कांकरोली द्वारा रविवार को मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन परिषद अध्यक्ष मुरलीधर कनेडिय़ा की अध्यक्षता में हुई। काव्य गोष्ठी के प्रथम सत्र में उज्जैन में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन 19वां बिक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ मोनी आश्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार में स्थानीय परिषद के माधव नागदा को विद्या सागर मुरलीधर कनेयिा नगेन्द्र मेहता को विद्यावाचस्पति पुरस्कारों से 13 दिसबंर को सम्मानित किया। उनका परिषद द्वारा अभिनंदन किया गया। मासिक काव्य गोष्ठी में भंवर खोस मैं हसीन वादियों में खोना चाहता हूं.. रचना प्रस्तुत की। मनोहरसिंह आशिया ने जल बीन प्यासी प्रदूषण रंगा सियार और सफाई अभियान रचनाएं प्रस्तुत की। त्रिलोक मोहन पुरोहित ने उच्च कोटी की दो रचनाएं ओछे सौंदर्य (संघ में) पर कुछ नहीं लिखा जा सकता है.., विश्वास प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी, अफजल खान ने समसामयिक रचना घर में रह गया सन्नाटा भर प्रस्तुत की। राधेश्याम सरावगी ने समाज के लोगों को प्रेरित करने के लिए धीरे-धीरे ही सही, कुछ आगे बढ़े एक मशाल लेकर रचना प्रस्तुत की गई। नगेंद्र मेहता ने बाल रचना पेंसिल और रबर की भावना को व्यक्त किया गया। ईश्वर चंद शर्मा ने धर्म की नीतिरीत यहीं कहती के माध्यम से वृद्धावस्था की पीड़ा को व्यक्त किया।