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नौ हादसों में 103 की हुई थी मौत, 4 साल बाद सड़क की मंजूरी
ऐसा है पंजाब मोड़
टूटी सुरक्षा दीवार
भास्कर न्यूज|कुंभलगढ़/राजसमंद
चारभुजा-देसूरीरुट पर नौ हादसों में 103 लोगों की मौत का कारण बनने वाली देसूरी की नाल के डेंजर जोन में अब वन विभाग ने सड़क बनवाने की स्वीकृति दे दी है। हालांकि अभी विभाग को इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगानी होगी। अब तक अनगिनत हादसे हुए हैं। इधर, हादसे के बाद रविवार को मौके पर पहुंचे कलेक्टर ने डेंजर जोन में रिफ्लेक्टर लगाने सड़क का लेवल सही करने के निर्देश दिए हैं। अब तक इस रुट पर हादसों में कई लोग घायल हो चुके हैं, जिनकी थानाें में रिपोर्ट दर्ज नहीं हैं। मानावतों का गुड़ा से नाल की शुरुआत के एक किमी फासले पर पंजाब मोड़ स्थित है। यह मोड़ काफी चंद्रमा का आकार लिए हुए है। चारभुजा से देसूरी जाते वक्त नाल शुरू होते ही पंजाब मोड़ ढलान में आता है। ढलान में अक्सर वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते हैं, पंजाब मोड़ के एक तरफ खाई भी है। मोड़ पर सामने ही पहाड़ है। अक्सर इस घुमावदार मोड़ पर वाहन पर संतुलन बिगड़ने पर वाहन पहाड़ी से टकराकर पलट जाते हैं। सुरक्षा दीवार की मरम्मत भी लंबे समय से नहीं हुई है। मोड़ पर चेतावनी बोर्ड लगा रखे हैं, लेकिन रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। इस रुट पर 89 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
सातफीट दूर खाई थी
देसूरीकी नाल में शनिवार रात को जहां ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी उससे सात फीट दूरी पर ही पुल के नीचे तीस फीट गहरी खाई थी। गनीमत रही कि ट्रैक्टर पुल से कुछ दूर पहले ही पलट गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर ने भी माना कि पुल पर पलटने से बड़ा हादसा हो जाता।
रोड की सुध लेने की जरूरत
^देसूरीकी नाल में खस्ताहाल सड़क का काम लंबे समय से अटका हुआ है। सड़क विकास प्राधिकरण के तहत सरकार को देसूरी की नाल की भी सुध लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सुराज संकल्प यात्रा का शुभारंभ चारभुजा से किया था, उन्हें चारभुजा क्षेत्र के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। मदनलालगुर्जर, उपजिलाप्रमुख
वनविभाग से एनओसी मिल गई है
^देसूरीकी नाल में डेंजर जोन वाली जगहों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। ताकि रात को वाहन चालकों काे मोड़ दिख सके। आठ किमी की रोड के निर्माण के संबंध में वन विभाग की सहमति संबंधी पत्र गया है। इस संबंध में स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रोड की मरम्मत का काम शुरू करवा