रिक्शा चालक, कुली और कचरा बीनने वाले भी भामाशाह बीमा के हकदार
प्रदेशमें लागू भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में अब रिक्शा चालक, कुली एवं कचरा बीनने वाले भी इसके हकदार होंगे। सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाने के साथ कुछ परिवर्तन भी किए है। ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके। जिले में अब तक 370 मरीजों को इसका लाभ मिल चुका हैं।
प्रदेश में यह योजना 13 दिसंबर से शुरू हुई थी। अभी तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में आने वाले परिवारों को लाभ देने का प्रावधान था। इसमें बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अन्नपूर्णा एवं अंत्योदय योजना के लाभार्थी शामिल थे। अब शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष, सभी सरकारी हॉस्टल में अंतवासी, एकल महिलाएं, श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक, पंजीकृत अनाथालय, वृद्धाश्रम, कुष्ठ आश्रम, कचरा बीनने वाले परिवार, उत्तराखंड त्रासदी वाले परिवार, रिक्शा चालक, कुली, कुष्ठ रोगी, कुष्ठ रोग से मुक्त रोगी, घुमंतू अद्र्ध घुमंतू जातियों के परिवार, वनाधिकार पत्रधारी को भी इसका लाभ दिया जाएगा। सरकार ने योजना में पात्र और अपात्र व्यक्तियों के संबंध में भी स्पष्ट आदेश जारी किए हैं।
इन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ
{जिसका कोई एक सदस्य आयकरदाता हो।
{कोई सदस्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्तशासी संस्था में नियमित कार्यरत और एक लाख वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त हो।
{किसी एक सदस्य के पास चारपहिया वाहन हो, लेकिन जीविकोपार्जन में काम आने वाले वाहन या ट्रैक्टर को छोड़कर।
{शहरी क्षेत्र में एक हजार वर्ग फीट से अधिक में निर्मित पक्का आवासीय, व्यवसायिक परिसर धारी
{शहरी क्षेत्र में सभी सदस्यों के स्वामित्व में कृषि भूमि लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक हो।
{ग्रामीण क्षेत्र में सभी सदस्यों के स्वामित्व में कुल कृषि भूमि लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक हो।
{ग्रामीण क्षेत्र में सभी सदस्यों की कुल आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक हो।
{ग्रामीण क्षेत्र में उसके पास दो हजार वर्ग फीट से अधिक का स्वयं का पक्का मकान हो।
मुहर के लिए नहीं लगवाएं चक्कर
खाद्यसुरक्षा योजना के दायरे में आने के बावजूद अब तक अस्पतालों में ऐसे कई परिवारों को भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से लाभान्वित नहीं किया जा रहा है। इसका कारण महज उनके राशनकार्ड पर खाद्य सुरक्षा की मुहर नहीं लगा होना हैं। यह बात ध्यान में आने पर कलेक्टर ने सीएमएचओ को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि इसकी जरूरत ही नहीं है। बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अंत्योदय एवं अन्नपूर्णा के तहत बने राशन कार्ड उनके अलग-अलग रंग से स्वतः: पहचाने जाते है। इसलिए इनके राशन कार्डों पर खाद्य सुरक्षा की मुहर जरूरी नहीं है। हां, एपीएल श्रेणी के राशन कार्ड पर ही खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल होने की मुहर लगी होने की जांच आवश्यक है। आरके अस्पताल में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए लगा काउंटर
भामाशाह योजना के लाभ
}लाभार्थी के लिए सभी सुविधाएं अंतरंग आईपीडी इलाज के साथ केशलैस होगी
}परिवार को प्रतिवर्ष चिह्नित सामान्य बीमारियों के लिए 30 हजार और चिह्नित गंभीर बीमारियों के लिए 3 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा होगा।
} बीमा पूर्व की भी सभी बीमारियां कवर होगी।
चिकित्सा प्रक्रिया से पूर्व 7 दिन एवं छुट्टी के बाद 15 दिन की चिकित्सा कवर होगी।
} हृदय रोग एवं अत्यधिक आघात की स्थिति में 100 से 500 रुपए तक प्रति परिवार प्रति वर्ष यात्रा भी शामिल है।
} बीमा राशि खत्म होने के बाद भी आवश्यकता होने पर कॉपर्स फंड से स्वीकृति का प्रावधान है।
^सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाया है। कुछ परिवर्तन भी हुए। यह आदेश जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल एवं सभी सीएचसी इंचार्ज को भेज दिए हैं। डॉ.जी एल मीणा, सीएमएचओ, राजसमंद