राजसमंद आरटीओ कार्यालय पर एसीबी का छापा
राजसमंद | एसीबीकी टीम ने शुक्रवार शाम जिला परिवहन कार्यालय पर छापा मारा। टैक्स पेटे काटी गई रसीदों के मुकाबले एक लाख 65 हजार रुपए कम मिले। कैशियर ने एक दलाल का पैसा बाकी होने की जानकारी दी तो टीम ने उसे भी बुलाकर पूछताछ की। दलाल ने सारा पैसा जमा करवा देना बताया। इस पर टीम ने कैशियर पर गबन की आशंका जताई है। एसीबी के एएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि लम्बे समय से परिवहन कार्यालय में भ्रष्टाचार और दलालों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थी। शेष| पेज 6
इसपर शाम को छापा मारकर कार्रवाई की गई।
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टीमने कैशियर उमेश मीणा से केश का मिलान करवाया। इसमें आठ लाख 90 हजार की रसीदें कटी हुई थी। लेकिन कैशियर के पास सात लाख 25 हजार रुपए ही मिले। एक लाख 65 हजार रुपए कम मिलने पर कैशियर मीणा से टीम ने बाकी रुपयों के बारे में पूछताछ की। उसने यह राशि दलाल नीलेश की ओर से जमा नहीं करना बताया। इस पर टीम ने नीलेश को बुलाकर पूछताछ की। नीलेश ने टीम को बताया कि उसने एक लाख 78 हजार रुपए टैक्स के तौर पर जमा करवाए। इसकी रसीद बताई, उसने कार्यालय में कोई भी बकाया नहीं होना बताया।
विरोधाभासी बयान पर कैशियर मीणा पर गबन की आशंका जताई है। इसे लेकर कार्यालय की सभी फाइलों और रिकॉर्ड की जांच की गई। कार्रवाई शाम पांच बजे से देर रात तक चलती रही। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में जिला परिवहन अधिकारी ओपी बैरवा, परिवहन उपनिरीक्षक नहीं थे। एसएसपी चौधरी ने बताया कि इन अधिकारियों से मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पाया।
^जिला परिवहन कार्यालय में छापे में एक लाख 65 हजार रुपए कम मिलने पर गबन की आशंका है। कार्यालय में दलाल थे। जो टीम को देखकर भाग गए। रिकॉर्ड भी अस्त-व्यस्त मिला। कैशियर के खिलाफ पद के दुरुपयोग की कार्यवाही की जाएगी। राजेशचौधरी, एएसपी, एसीबी राजसमंद