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छात्राएं कलेक्टर से बोलीं, टेम्पो वाले ज्यादा पैसे लेते हैं

7 वर्ष पहले
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राजसमंद|सांसद हरिओमसिंह राठौड़ द्वारा गोद लिए गए आदर्श गांव तासोल का शुक्रवार को केंद्रीय ग्रामीण एंव पंचायती राज विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय मॉनिटर त्रिलोकीनाथ बत्रा, कलेक्टर कैलाशचंद वर्मा ने दौरा किया। इनके साथ सीईओ बद्री लाल स्वर्णकार थे। कलेक्टर वर्मा काे साक्षी श्रीमाली, योगिता जैन पल्लवी श्रीमाली ने गांव में पर्याप्त यातायात के साधन नहीं होने की शिकायत की। बालिकाओं ने बताया कि कॉलेज जाने के लिए गांव से ऑटो से जाना पड़ता है। ऑटो वाले दस किमी कांकरोली जाने के लिए बीस रुपए किराया वसूल करते हैं। जबकि प्राइवेट बस संचालक 15 रुपए किराया लेते हैं। गरीब घर की बालिका चालीस रुपए किराया नहीं दे सकती है। गांव में ग्रामीणों ने रोडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग की है। ऑटो वालों को बालिकाओं से कम किराया वसूल के लिए पाबंद करने की मांग की।

टीम ने आदर्श गांव तासोल का दौरा कर ग्रामीणों को स्वच्छता सफाई की बारे में जानकारी दी। इस दौरान राष्ट्रीय मॉनिटर ने गांव को आदर्श बनाने की पहल ग्रामीणों के द्वारा ही करने की बात कही। बत्रा ने बताया कि सरकार पैसा खर्च कर सकती है, लेकिन गांव में सफाई की जिम्मेदारी तो ग्रामीणों की होती है। बत्रा ने कचरे का निस्तारण प्रत्येक ग्रामीण को अपनी जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित तरीके से करने की बात कही।

तासोल में कलेक्टर को बैठक के दौरान गांव की बालिकाओं ने टेम्पो चालकों द्वारा ज्यादा किराया लेने की शिकायत की।