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किसानों को खेती में तकनीक सिखाने का आह्वान

5 वर्ष पहले
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राजसमंद। कृषिविज्ञान केन्द्र पर सोमवार को वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। कार्यक्रम में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. आरपी. मीना ने वर्ष 2016-17 के वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2017-18 की कार्य योजना प्रस्तुत की। बैठक की अध्यक्षता प्रोफेसर जीएस तिवारी निदेशक प्रसार, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने की। निदेशक ने सभी विभागों के अधिकारियों से दूर-दराज के किसानों को पूर्ण रूप से तकनीकी लाभ दिलाने का आह्वान किया। इसके लिए सभी विभाग मिल-बैठकर कार्ययोजना तैयार करें तथा जिले के सभी खंडो़ं को सम्मिलित करने के आदेश दिए। जल प्रबंधन, हस्त चलित यंत्र, अजोला को बढा़वा, जैविक खेती के मॉडल एवं फसल प्रदर्शन वैज्ञानिकों की देखरेख में करने की बात कही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. एसके शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय विशिष्ट अतिथि डाॅ. पीपी रोहिला, प्रधान वैज्ञानिक, कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, काजरी थे। डाॅ. शर्मा ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भारत सरकार के 125 हुनर को कृषि में काम लेने, जल संरक्षण तकनीकी, बीज प्रतिस्थापन दर बढा़ने, अजोला उत्पादन, पोली हाऊस तकनीकी फीडबैक, कृषि विविधिकरण एवं किसानों की सफलता की कहानियों के आंकड़े जुटाने के सुझाव दिए। डाॅ. पीपी रोहिला, प्रधान वैज्ञानिक ने जीवंत चित्र करने की बात बताई। कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. रवीन्द्र वर्मा, आत्मा उपनिदेशक दिनेश जागा, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. ललित जोशी, उपनिदेशक डाॅ. घनश्याम मुरडिय़ा, अग्रणी बैंक के प्रबंधक आरपी बैरवा, नाबार्ड जिला प्रबंधक विश्राम मीना प्रगतिशील कृषक, महिलाओं ने भाग लिया। संचालन केन्द्र की गृह वैज्ञानिक डाॅ. उर्वशी नांदल ने किया।

राजसमंद. वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक।

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