नेताओं और ब्यूरोक्रेसी में बैलेंस तो होना ही चाहिए : अर्चना सिंह
राजसमंदकी नई जिला कलेक्टर अर्चना सिंह बुधवार को कार्यभार संभालेंगी। वे 2008 बैच की युवा आईएएस हैं। वे अभी तक चूरू में कलेक्टर थीं। सिंह का कहना है कि राजसमंद में उनका फोकस महिलाओं का पिछड़ापन दूर करना, उनकी सामाजिक भागीदारी बढ़ाना, बच्चों के कुपोषण को दूर करना और स्वच्छता पर रहेगा। इस पिछड़े और आदिवासी इलाकों में राज्य सरकार की योजनाओं को तो संवेदनशीलता से लागू किया ही जाएगा, जहां जरूरत पड़ी, वहां नए इनोवेशन भी किए जाएंगे। अर्चना एक ऐसी ब्यूरोक्रेट हैं, जो अपने जूनियर बैच के कुछ लोगों के बाद कलेक्टर बनीं। यह फैसला उन्होंने अपनी पारिवारिक प्रतिबद्धताओं के चलते लिया और कलेक्टर पद के ऑफर को काफी बाद में स्वीकार किया।
कौन हैं अर्चनासिंहω
अर्चनासिंहउत्तरप्रदेशमूल की हैं और एमएससी बॉटनी हैं। वे 2008 बैच से हैं। उनके पति राजन विशाल भी इसी बैच से हैं और वे नागौर जिला कलेक्टर हैं। इस बैच के तीन आईएएस राजस्थान कैडर में हैं। तीसरे मुक्तानंद अग्रवाल अलवर कलेक्टर हैं। अर्चना अब तक चूरू कलेक्टर थीं। चूरू से पहले वे डीओपी में ज्वाइंट सेक्रेटरी रही हैं। उन्हें गुजरात कैडर मिला था, लेकिन राजन विशाल से शादी के बाद उन्होंने राजस्थान आना पसंद किया। आईएएस को यह छूट रहती है कि शादी के बाद पति या प|ी की पसंद से वे अपना कैडर चुन सकते हैं। राजन मूलत: पंजाब से हैं। अर्चना राजस्थान आने के बाद निवेश और प्रवासी विभाग में ओएसडी रहीं।
ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट प्रमोशन में वे एडिशनल कमिश्नर रहीं। इसके बाद उन्होंने रीको में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया।
Q: राजसमंदमें आपकी क्या प्रमुखता रहेंगीω
}वैसेतो सरकार की प्रमुखताएं और प्राथमिकताएं ही मेरी प्रमुखता और प्राथमिकताएं रहेंगी, लेकिन चूरू में स्वच्छ भारत अभियान के तहत लगभग सभी ग्राम पंचायतों को शौच मुक्त कर दिया गया है। यह अनुभव भी राजसमंद में संभव है। यह जिला बहुत पिछड़ा है। एक समयबद्ध अभियान के तहत राजसमंद में भी इसी तरह के प्रयास किए जाएंगे।
Q: राजसमंदपिछड़ा और आदिवासी क्षेत्र है। यह आपसे क्या उम्मीद कर सकता हैω
}हां, यह सही है कि इलाका इतना विकसित नहीं है। मेरा फोकस यहां महिलाओं के विकास पर तो रहेगा ही, बच्चों का कुपोषण कैसे दूर हो, यह भी कोशिश रहेगी। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर काम किया जाएगा। महिलाएं एनीमिया की और बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इनके कारण खोजकर कुछ करेंगे। रिसर्च कर इन दोनों पर फोकस करेंगे।
Q: राजसमंदकी विधायक किरण माहेश्वरी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं। आप भी महिला हैं। इसका इस जिले के लोगों का क्या फायदा मिलेगाω
}फायदाहोगा। महिलाएं हर मुद्दे को संवेदनशील होकर देखती और परखती हैं। तो बहुत से इश्यूज को तथ्यों के अलावा संवेदनशीलता के नजरिए से परखना होता है। ऐसे में यह फैक्टर भी मददगार होगा।
Q: कईबार कलेक्टर और मंत्री या विधायकों या जिला प्रमुखों से विवाद हो जाता है। चूरू में क्या कोई ऐसी चुनौती रहीω
}नहीं, ऐसा कोई विवाद नहीं हुआ। मुझे अनुभव है। नेताओं के साथ तालमेल अच्छा रहे तो कई मुश्किल समस्याएं आसानी से हल हो जाती हैं। बैलेंस तो होना ही चाहिए।
Q: पर्यटनकी दृष्टि से राजसमंद के लिए क्या प्लान हैω
}पर्यटन के क्षेत्र में वाकई राजसमंद का कुंभलगढ़ तो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। वहां बहुत काम हो ही रहा है। इसके अलावा कई मंदिर और झीलें भी हैं, जिन पर फोकस किया जा सकता है। एक बार ज्वाइनिंग हो जाए। सभी विभागों को बारी बारी फोकस किया जाएगा।
Q: आपआईएएस बनीं तो आपको गुजरात कैडर मिला और आपने कुछ समय वडोदरा के दभाेई में एसीएम के तौर पर भी काम किया। लेकिन फिर राजस्थान कैडर क्यों चेंज कियाω
}वहां ज्वाइनिंग के बाद शादी हो गई। पति जो पहले मेरे बैचमेट रहे, राजस्थान में हैं तो स्टेट चेंज करवाया।