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सूचना देने...

7 वर्ष पहले
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सूचना देने...

हालांकिइस बारे में सैनी का कहना है कि कालेज प्रबंधन ने उनके द्वारा पांच बिंदुओं में चाही गई सूचना में प्रत्येक बिंदु में कितने पृष्ठ और कितना शुल्क लगेगा इसका उल्लेख नहीं किया जबकि कानून अनुसार विस्तृत सूचना चाहने पर बिंदुवार पृष्ठों की संख्या और शुल्क की जानकारी दी जानी चाहिए थी।

प्राचार्यने नहीं रखा अपना पक्ष : इसपूरे प्रकरण पर दैनिक भास्कर ने आर आर कालेज प्रिंसिपल से बात करने के लिए उनसे मोबाइल पर फोन किया। रात 7.41 पर पहली बार फोन किया तो पूछने पर बोले बोल रहा हूं फिर पूछा आप कौन बोल रहे हैं, बाद में कहा वो तो बाजार गए हैं। बेसिक फोन पर संपर्क किया तो किसी महिला ने फोन उठाया बोली-बाजार गए हैं, मोबाइल नंबर मांगे तो कहा मुझे याद नहीं है और फोन काट दिया। प्रिंसिपल से इसके बाद संपर्क करना चाहा तो फोन स्विच ऑफ मिला।

मदरसापैराटीचर्स...

इनकाकहना है कि दो महीने से पहले का मामला सरकार के स्तर का है इसलिए गाइडलाइन वहीं से जारी होगी। तब जाकर शेष भुगतान हो पाएगा। इधर एसएसए एडीपीसी राजकुमार जैन का कहना है कि विभाग से 31 मार्च को मदरसों को अल्पसंख्यक विभाग के अधीन कर दिया था। उसी समय सभी रिकॉर्ड फाइलें भी दे दी थी। मानदेय के मामले का निपटारा वहीं से होगा।

सम्मानको ठेस...

जिस पर प्रदेश आलाकमान एक-एक विचार को गंभीरता से ले रहा है। उनका यह भी कहना था कि वृद्धावस्था पेंशन वेरिफिकेशन का काम अब सितंबर से बढ़ाकर जनवरी तक कर दिया गया है। यहां सर्किट हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुशीला यादव, शहर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष के जी खंडेलवाल, पार्षद सुशील यादव, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पंडित जले सिंह, इंद्र अग्रवाल, मनोज शर्मा, दीपक पंडित, राजेंद्र कसाणा आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

से गधा...

डॉ.पांडेय ने सम्मेलन में मौजूद व्याख्याताओं-शोधकर्ताओं से कहा कि मौसम सुनहरा हुआ है, अच्छे दिन गए हैं इसलिए कलम उठाओ और भारत के खोए गौरव को सच्चाई के साथ पेश करने में जुट जाओ। अभा. इतिहास संकलन योजना अध्यक्ष डॉ. सतीशचंद्र मित्तल ने इतिहासकार कर्नल टाड के राजस्थान के संबंध में लिखे इतिहास को जाती-प्रांतों के बीच लड़ाई कराने