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बीडीओ की नजर में ऑडिट से जरूरी भामाशाह कैंप

7 वर्ष पहले
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दो चरणों में 181 ग्राम पंचायतों का लक्ष्य

अभीजिले में 9 और 18 अक्टूबर को सोशल ऑडिट और होनी है। इन दो चरणों में शेष 181 ग्राम पंचायतों की ऑडिट पूरी करनी है। सरकार के आदेश थे कि ऑडिट सभा की वीडियोग्राफी कराई जाए, लेकिन जिले की किसी भी पंचायत में ऐसा नहीं हो पाया। बजट की कमी बताते हुए विकास अधिकारियों ने आदेश की पालना ही नहीं की। ऐसे में नरेगा में हुए कामों की जांच संबंधी सभाओं की महज खानापूर्ति ही की जा रही है।

^कईग्राम पंचायतों में ऑडिट हुई ही नहीं, बीडीओ से कारण पूछा तो शिविरों की व्यस्तता आदि बताया जा रहा है। जिन ग्राम पंचायतों की ऑडिट नहीं हुई उसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। अमरचंदमीना, नरेगाप्रभारी

इन ग्राम पंचायतों में नहीं हुई ऑडिट

अभीतक 28 अगस्त, 11 सितंबर और 18 सितंबर को तीन चरणों में जिले की ग्राम पंचायतों में ऑडिट हुई। इनमें कठूमर की खेड़ा कल्याणपुरा, मथुराहेड़ा, जटवाड़ा, किशनगढ़बास, रामगढ़ की खोह, हाजीपुर, देसूला, नीकच, चौरोटी पहाड़, दोहली, डाबरी, राजगढ़ की बीगोता, बलदेवगढ़, थानागाजी की बावनबास कांकड़, गढ़ी,दुहार चौहान, क्यारा, नाथूसर, थानागाजी, समरा और आगर, तिजारा की सलारपुर, इसरोदा ग्राम पंचायतों में पहले दो चरणों मे सोशल ऑडिट नहीं हो पाई। अभी 18 सितंबर को जिले की 95 ग्राम पंचायतों में ऑडिट होनी थी लेकिन 71 में ही हो पाई शेष 16 पंचायतों में कठूमर की 8, किशनगढ़बास की दो, तिजारा-रामगढ़ की तीन-तीन ग्राम पंचायतें शामिल हैं। ऑडिट नहीं होने का कारण गिनाते हुए कुल 24 ग्राम पंचायतों में भामाशाह कैंप और शेष में कोरम का अभाव और रिसोर्स पर्सन कमी का हवाला दिया गया है।

भास्कर न्यूज | अलवर

मनरेगामें हुए विकास कार्यों की सोशल ऑडिट के तीन चरण पूरे हो चुके हैं। इन तीनों चरणों में 291 ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट होनी थी लेकिन 43 ग्राम पंचायतों में ऑडिट शुरू ही नहीं हो पाई। पंचायत समितियों से आई रिपोर्ट में जिन ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट नहीं हुई, उसका कारण भामाशाह कैंप बताया गया है। इसके अलावा कुछ ग्राम पंचायतों में कोरम का अभाव ब्लाक और ग्राम रिसोर्स पर्सन नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है। सोशल ऑडिट के अभी दो चरण और शेष हैं। यदि इन दोनों चरणों में भी किसी ग्राम पंचायत में ऑडिट नहीं हो पाती है तो फिर नया टाइम-टेबल सरकार के स्तर पर तय होगा। कहा जा रह