श्रम कल्याण की योजनाएं ठंडे बस्ते में
राज्यमें नई सरकार गठन होने के बाद श्रमिक कल्याण के लिए संचालित की जा रही योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। साथ ही वसुंधरा सरकार बनने के बाद एक साल में एक बार भी श्रमिक कल्याण कमेटी की बैठक नहीं हुई है। इसके चलते श्रमिकों को भी इस योजना का फायदा लेने के इंतजार करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार श्रमिकों की सहायता के लिए श्रम विभाग की तरफ से कई श्रमिक सहायता योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। विधानसभा चुनाव होने से पिछले एक साल के श्रम विभाग की कई योजनाएं संचालित नहीं हो पा रही है। इसके चलते जिले के कई श्रमिकों को इस योजनाओं के लिए आवेदन करने के बाद भी नई सरकार की हरी झंडी का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके पीछे प्रमुख कारण विधानसभा चुनाव के बाद लंबे समय तक श्रम मंत्री नहीं बनाना माना जा रहा है। तीन महीने पहले ही सुरेंद्रपालसिंह को श्रम कल्याण मंत्री बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि श्रम मंत्री की अध्यक्षता में श्रमिक कल्याण कमेटी की बैठक होती है, जिसमें श्रमिकों के लिए नई योजना, पुरानी योजनाओं को सुचारू रखना उनके लिए बजट का अनुमोदन करना इस कमेटी द्वारा किया जाता है।
इन योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
विभागकी ओर से संचालित होने वाली श्रमिक साइकिल सहायता राशि योजना पर अभी रोक है। इसके चलते सैकड़ों की संख्या में श्रमिकों के आवेदन विभाग के पास पड़े है। वहीं विभाग को मिले साइकल वाउचर भी स्टोर में ही पड़े है। इसके साथ ही विभाग की ओर से अभी कोई नए रजिस्ट्रेशन नहीं किए जा रहे है।
शीघ्रही मिलने लगेगा लाभ
^विधानसभाचुनाव के बाद पहले तो मंत्री नहीं बनाने के कारण योजनाओं को गति नहीं मिल पाई। साथ ही कल्याण समिति की बैठक भी नहीं हुई थी। अब नए मंत्री बन गए हैं। शीघ्र ही जयपुर में बैठक होने के बाद सभी योजनाएं सुचारू हो जाएगी। -सुरेश कुमार शर्मा, उपनिदेशक,श्रम विभाग
इन योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
विभागकी ओर से संचालित होने वाली श्रमिक साइकिल सहायता राशि योजना पर अभी रोक है। इसके चलते सैकड़ों की संख्या में श्रमिकों के आवेदन विभाग के पास पड़े है। वहीं विभाग को मिले साइकल वाउचर भी स्टोर में ही पड़े है। इसके साथ ही विभाग की ओर से अभी कोई नए रजिस्ट्रेशन नहीं किए जा रहे है।
शीघ्रही मिलने लगेगा लाभ
^विधानसभाचुनाव के बाद पहले तो मंत्री नहीं बनाने के कारण योजनाओं