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सीएसई ने फैक्ट्रियों के रंगीन पानी को बताया घातक

7 वर्ष पहले
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महिलाओं से ज्ञापन दिलाने का प्रयास, कलेक्टर का इंकार

पालीकी प्रदूषण समस्या के स्थाई समाधान एवं प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग को लेकर किसान पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले गुरुवार को सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए। अप्रत्याशित रूप से किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर सभा कर जोरदार प्रदर्शन किया। शाम को कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की जिद पर अड़े किसान नेताओं ने इनके चैंबर के बाहर बैठ कर करीब चार घंटे तक इंतजार किया। रात आठ बजे कलेक्टर रोहित गुप्ता पिछले दरवाजे से चैम्बर में पहुंचे। कलेक्टर के बाहर आकर ही ज्ञापन लेने की बात को लेकर पुलिसकर्मियों से किसान नेताओं की झड़प भी हुई। कलेक्टर के बाहर ज्ञापन लेने आने से इंकार करने पर किसानों ने कुछ महिलाओं से ज्ञापन दिलाने का प्रयास किया। रात दस बजे तक चले घटनाक्रम के बाद किसानों ने महिलाओं के मार्फत ही जयपुर में सीएम वसुंधरा राजे को ज्ञापन सौंपने का कहते हुए घर लौट गए। किसानों के धरना प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ा पुलिस जाब्ता रहा।

दौराबीच में छोड़ ज्ञापन लेने ही आए फिर भी नहीं ले सके : कलेक्टरदो दिन से मारवाड़ जंक्शन में रात्रि चौपाल बैठकें कर रहे थे। गुरुवार को किसानों द्वारा उन्हें ज्ञापन सौंपने की मांग के कारण वे देर शाम पाली पहुंचे। लेकिन दोनों ही तरफ से अपनी बात पर अड़े रहने के कारण किसान ज्ञापन सौंप सके और ही कलेक्टर ले सके।

गुलकर दी बिजली : घंटोंइंतजार करने के बाद कलेक्टर द्वारा किसानों से ज्ञापन नहीं लेने के बाद किसान निराश होकर लौट गए। किसानों के कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पहुंचने के 15 मिनट बाद कलेक्ट्रेट परिसर मैन रोड लाइट बंद कर दी गई। इधर, कलेक्ट्रेट के सौ मीटर दायरे को छोड़ बाकी स्थानों पर बिजली सुचारू रही।

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हालांकिआधे घंटे बाद कलेक्ट्रेट परिसर की बिजली भी सुचारु कर दी गई।



सवेरेसे तैनात रहे पुलिसकर्मी : किसानोंद्वारा दिए गए धरने को लेकर सवेरे से ही पुलिस जाब्ता कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात रहा। किसानों के कलेक्ट्रेट में पहुंचने के बाद करीब 60 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस दौरान एएसपी पीडी धानिया, डिप्टी भगवान सिंह कोतवाल देरावर सिंह ने भी आक्रोशित किसानों की समझाइश की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।

अबकिसान कुछ गलत कर बैठें तो प्रशासन