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- 4 साल से बंद पड़ा है एनीकट तालाब का निर्माण कार्य
4 साल से बंद पड़ा है एनीकट तालाब का निर्माण कार्य
पंचायतसमिति देसूरी के अधीनस्थ ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत चार वर्ष पूर्व स्वीकृत एनीकट तालाबों का पक्का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। अगर यह कार्य समय पर पूरा हो जाता तो किसानों के लिए वरदान साबित होता। मगर ग्राम पंचायतों की उदासीनता के चलते पिछले चार वर्षों से लाखों रुपए की लागत से स्वीकृत एनीकट तालाबों के कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि ग्राम पंचायतों ने स्वीकृत कार्यों के तहत कच्चे काम कर दिए। मगर पक्के काम अधूरे पड़े हैं।
उल्लेखनीय है कि गिरते जलस्तर को रोकने और कुओं का जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर, 2009 में ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने मनरेगा योजना के तहत एनीकट निर्माण एवं तालाबों नाडी खुदाई एवं उनकी पिंचिंग ओटा निर्माण के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे गए थे। इन प्रस्तावों के आधार पर देसूरी पंचायत समिति की 24 ग्राम पंचायतों में से 20 ग्राम पंचायतों में लाखों की लागत से यह कार्य स्वीकृत किए गए, जिनको 1 अप्रैल, 2010 में कच्चे कार्य के साथ शुरू किया गया। मगर जैसे ही पक्के निर्माण का समय आया तो ग्राम पंचायतों ने हाथ खड़े कर दिए, जिसका मुख्य कारण राज्य सरकार द्वारा पक्के निर्माण कार्यों में अपनाई गई ठेका प्रणाली रही। ठेकेदारों ने पक्के निर्माण के लिए सामग्री डालने का ठेका तो ले लिया मगर समय पर सामग्री नहीं डालने से यह कार्य बंद हो गए।
इसी दौरान कई एनीकटों की खोदी गई नींव तो बरसात के पानी के साथ ही बह गई। अगर ग्राम पंचायतों ने एनीकटों के निर्माण एवं तालाब पिंचिंग ओटा निर्माण को गंभीरता से लिया होता तो इनका समय पर निर्माण हो जाता और क्षेत्र में गिरते जलस्तर रोकने में बड़ा ही लाभदायक साबित होता। इतना ही नहीं किसानों के लिए आने वाले समय में वरदान साबित होते। मगर उनकी उदासीनता ठेकेदारों की लापरवाही के चलते इनका समय पर निर्माण नहीं हो सका। यह कार्य स्वीकृत हुए चार वर्ष गुजर गए मगर ग्राम पंचायतों की अनदेखी से यह कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं।
लाखोंरुपए का सरकार को नुकसान
ग्रामपंचायतों द्वारा मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत लाखों रुपए एनीकट ओटा निर्माण को लेकर कच्चे कार्य के तहत नींव खोदकर कार्य शुरू कर दिया था। मगर सामग्री मद को छोड़ लाखों रुपए खर्च हो गए। समय पर निर्माण नहीं होने से बरसात का पानी आते ही इन एनीकट की नींव ओटा नि