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कार ने जुगाड़ को टक्कर मारी, मासूम किशोर की मौत

7 वर्ष पहले
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शहरके निकट हेमावास गांव में मेगा हाइवे पर सोमवार दिन में दो बजे टाटा सफारी कार से हुए हादसे में दो साल के मासूम बच्चे एक किशोर की मौत हो गई। हादसे में मृतक बच्चे का 15 वर्षीय बड़ा भाई तथा उसकी चार मासूम बहने गंभीर रूप से घायल हो गईं।

एक ही परिवार के ये सभी लोग मोपेड के पीछे लॉरी (जुगाड़) जोड़कर उसमें बैठकर उदयपुर से जोधपुर की ओर जा रहे थे। हादसे के दौरान मृतक का पिता अपनी प|ी के साथ बाइक पर चल रहा था, जो परिवार को लेकर मजदूरी के लिए जोधपुर जा रहा था। पुलिस ने सफारी जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गंभीर रूप से घायल एक लड़के को जोधपुर रेफर किया गया है। देर रात तक उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। शेष|पेज12





कारकी रफ्तार ने छिनी दो जिंदगी, कार से उतर भागे लोग

सोमवारदोपहर करीब दो बजे हेमावास गांव के पास कच्चे मार्ग से मेगा हाइवे पर रही टाटा सफारी (आरजे 22 यूबी 0092) के चालक ने जुगाड़ को टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जुगाड़ सड़क पर दो तीन बार पलटी खा गया, जिससे उसमें मासूम बच्चे-बच्चियों समेत सातों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सदर थाने से हैडकांस्टेबल भंवरसिंह बाडिय़ा की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बांगड़ अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान डालूराम के दो वर्षीय पुत्र कालू ने दम तोड़ दिया, जबकि घायल राजूराम ने जोधपुर में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पुलिस ने चालक प्रकाश खारवाल पुत्र सरदारराम निवासी बजरंग बाड़ी को गिरफ्तार कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के दौरान कार में पाली शहर के चार-पांच लोग सवार थे, जो हादसे के बाद वहां से भाग गए।

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ओवरलोडवाहनों की धरपकड़ की पोल खुली!

हालांकिजुगाड़ में बैठ कर परिवार के लोग उदयपुर के वल्लभनगर इलाके से आए थे, जिन्होंने उदयपुर राजसमंद जिले की सीमा आसानी से पार कर ली। इस रास्ते में पुलिस ने उन्हें टोका तक नहीं, लेकिन पाली जिले में घुसने के बाद भी यदि जुगाड़ को पकड़ कर लोगों को उतार दिया जाता तो संभवत: यह हादसा टाला जा सकता था। सबसे हैरत की बात तो यह है कि सड़क हादसे रोकने की मंशा से जिले में पुलिस की ओर से 19 सितंबर से ओवरलोडिंग वाहनों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में आखिर देसूरी, नाडोल, सोमेसर या फिर जिले की सीमा में घुसने के बाद हेमावास तक 70 किलोमीटर का