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कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता को नहीं दी गर्भपात की अनुमति
भास्कर न्यूज नेटवर्क. अम्बाला
दुष्कर्मकी शिकार गर्भवती किशोरी को गर्भपात कराने की इजाजत नहीं मिली। कोर्ट ने लड़की की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट के मुताबिक लड़की के परिजन चाहें तो अपनी मर्जी से गर्भपात करवा सकते हैं। कोर्ट इसके लिए मंजूरी नहीं दे सकता।
किशोरी की पैरवी कर रहे वकील नरेंद्र शर्मा ने फैसले पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि मामला दुष्कर्म का है। इसलिए माता-पिता अपनी मर्जी से बेटी का गर्भपात नहीं करवा सकते। अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। शर्मा ने कहा वे हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देंगे। इससे पहले कोर्ट ने शुक्रवार को ही मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी, पर फैसला रोक लिया था। इस मामले में दुष्कर्म के आरोपी ने भी याचिका लगाई थी। उसकी मांग थी कि लड़की को गर्भपात कराने से रोका जाए। वह बच्चे को पालने को तैयार है। पर कोर्ट उसकी अर्जी भी खारिज कर दी थी। शेष| पेज 4
क्याहै मामला
इस साल 4 अप्रैल को करनाल के मथाना गांव का सुरजीत सिंह साहा गांव की किशोरी को फुसलाकर अपने साथ ले गया था। किशोरी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोहाली के एक गुरुद्वारे में सुरजीत ने उससे शादी की और फिर दुष्कर्म किया। इस मामले में साहा पुलिस ने सुरजीत के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है।