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‘एक मार्च तक करवाना होगा विवाह स्थलों का पंजीकरण’

6 वर्ष पहले
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पाली। नगर परिषद ने शहर के विवाह एवं समारोह स्थल के मालिकों को एक मार्च तक अपना पंजीकरण करवाने की अपील की है। इसके बाद ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आय के स्त्रोत को बढ़ाने की पहल करते हुए चेयरमैन महेंद्र बोहरा ने मंगलवार को शहर के सभी विवाह स्थल के मालिकों के साथ बैठक की।

इस दौरान इन लोगों से आए दिन नगर परिषद के स्तर पर उनके सामने आने वाली समस्याओं को सुना वहीं यह भी साफ कर दिया कि यदि इन जगहों के मालिक ने नियमानुसार अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

5साल की फीस सिर्फ 20 हजार : नियमानुसारइन समारोह स्थलों के मालिकों को पांच साल के पंजीकरण शुल्क के रूप में 20 हजार रुपए जमा कराने पड़ते हैं।

इसके साथ 20 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से स्थल की सालाना फीस जमा करानी पड़ती है। इस वक्त केवल 10 ही समारोह स्थल है जिनसे की नगर परिषद को 4 से 5 लाख रुपए की आय हो रही है। चेयरमैन का मानना है कि यदि सभी 32 समारोह स्थल के मालिक यदि अपना पंजीकरण करवा लेते हैं तो इससे होने वाली अाय भी 15 से 20 लाख की आय हो सकती है।

यह भी रही कोशिश

बैठक में सभी प्रतिनिधियों को विवाह स्थल पंजीयन कराने संबंधी नियम शुल्क इत्यादि की जानकारी दी गई तथा शहर की साफ सफाई मे उनकी भी सहभागिता के लिए आग्रह किया गया।
बैठक में परिषद के आरओ राकेश गोयल के साथ अग्रसेन वाटिका, श्रीराम वाटिका, पावना पैलेस, झाला उपवन, गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज, तेरापंथ सभा, बाघबेरा दादावाडी, रोटरी क्लब, मालवीय लोहार समाज, पटेल होस्टल, सिखवाल समाज, बागड़ धर्मशाला, संत कंवर राम धर्मशाला एवं माहेश्वरी समाज सहित कई समारोह स्थलों के मालिक मौजूद थे।

नोटिस को हल्के में लिया तो बुलाकर समझाया

शहरमें 32 विवाह और दूसरे समारोह स्थल को चिह्नित किया गया है, लेकिन परिषद के उपबंध के अनुसार केवल 10 स्थलों के मालिकों ने ही अपना पंजीकरण करा रखा है। बाकी सभी को तीन महीने पहले ही नोटिस जारी कर निर्धारित शुल्क जमा कराने को कहा गया।
बावजूद इसके किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया तो चेयरमैन ने इनके मालिकों को चेतावनी देने के लिहाज से बैठक बुला ली। इनकी समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन दिया वहीं यह भी साफ कर दिया कि इनके द्वारा नियमों की अवहेलना और कार्यक्रम के बाद इधर-उधर बिखेर दिए जाने वाले कचरे की शिकायतों को अब गंभीरता से लिया जाएगा।