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6 वर्ष पहले
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तवे के कारण...

ऐसेमें पुरानी टेक्नोलॉजी वाले सेक्टर में चीजों के दाम तेजी से बढ़ेंगे।’ राजन ने 29 जनवरी को भी ‘डोसा इकोनॉमिक्स’ के जरिए महंगाई को समझाया था। दिल्ली में उन्होंने कहा था- पेंशनभोगी की आय सीमित होती है। बैंक से ब्याज के रूप में। अगर महंगाई बढ़ती है तो वह कम डोसा खरीद सकेगा। अगर महंगाई दर कम हुई तो वह ज्यादा डोसा खरीदने में सक्षम होगा।

डोडेमें चीरा...

किसानोंसे बातचीत से कई गांवों के बारे में भी पता चला, जिनमें प्रतापगढ़ जिले के बसाड़ और नौगांव प्रमुख थे। इन्हीं गांवों की खाक छानते हुए हमें तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचा दिया।

मिलावटीअफीम भी थमा देते हैं : नशेकी इस मंडी में ग्राहक देखकर माल तय होता है। जानकार लोगों को असली अफीम की खेप दी जाती है जबकि अनजान और नए लोगों को मिलावटी पकड़ा दी जाती है। मिलावट का काम भी इन्हीं जगहों पर होता है। बच्चों के दूध के साथ पिए जाने वाले बॉर्नविटा, बूस्ट, कॉम्प्लान और काॅफी पाउडर जैसी चीजें और नशीली दवाएं मिलाकर आधा किलो अफीम को दो से ढाई किलो तक बना दिया जाता है।

दसआरी पर सरकार को देनी होती है 7.5 किलो अफीम : सरकारकी ओर से अफीम की खेती के लिए जो पट्टे जारी किए जाते हैं उनमें 10 आरी के पट्टे पर साढ़े सात किलो अफीम सरकार को जमा करानी होती है। किसान को खेती में नुकसान भी होता है तो भी इतनी मात्रा तो सरकार को देनी ही होगी। देने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है। हालांकि, डोडे पर चीरा लगाने से पहले सूचना देकर सरकारी टीम की मौजूदगी में खेती को नष्ट भी करवा सकते हैं।

राष्ट्रविरोधी...

इसबीच, दिल्ली पुलिस ने भी हाफिज सईद के कथित ट्वीट के साथ अलर्ट जारी किया है। उसमें कहा गया है कि - “यह जेएनयू और देशभर के छात्र समुदाय को अलर्ट करने के लिए है। देशद्रोही राष्ट्र-विरोधी नारेबाजी के प्रभाव में आएं। किसी भी तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधि दंडनीय अपराध है।’

विपक्षने कहा- आरोप गंभीर, सबूत पेश करें गृहमंत्री : सईदको लेकर बयान पर सियासत गरमा गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनाथ के आरोप गंभीर हैं। उन्हें पूरे देश के सामने इसके सबूत रखने चाहिए। माकपा नेता सीताराम येचुरी और भाकपा नेता डी. राजा ने भी सबूत दिखाने की मांग की है।

राहुलकांग्रेस मुख्यालय में लगाएं आतंकियों की प्रतिमा - नकवी : केंद्रीयमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा- “”यदि राहुल गांधी देश को विभाजित करने वाली मानसिकता का समर्थन करते हैं तो वह कांग्रेस कार्यालय में अलगाववादियों और आतंकवादियों की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। वे रोज वहां उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करें।’’ राहुल ने शनिवार को कहा था, ‘संस्थानों की आवाज दबाने वाले लोग सबसे अधिक देशद्रोही हैं। कोई युवा अपनी बात कहता है और सरकार कहती है कि वह देशद्रोही है।’

मेरीबेटी पर लगाए आरोप निराधार - डी. राजा : भाकपानेता डी. राजा ने एआईएसएफ लीडर और बेटी अपराजिता का बचाव किया है। उनका नाम भारत-विरोधी नारे लगा रहे जेएनयू छात्रों में लिया जा रहा था। राजा ने कहा- “”मैं अपनी बेटी को किसी और से बेहतर जानता हूं। वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की नेता हैं। जो भी एआईएसएफ के इतिहास, विचारधारा और राजनीति को जानता है, वह इस तरह के निराधार, अतार्किक और बकवास आरोप नहीं लगाएगा।’’ भाजपा सांसद महेश गिरि ने एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया था कि राजा की बेटी अपराजिता भी राष्ट्र विरोधी नारेबाजी करने वालों के साथ थी।

कृपयामेरे बेटे को आतंकवादी मत कहो - कन्हैया की मां : जेएनयूछात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की मां मीना देवी बिहार में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनके अलावा बड़ा बेटा मणिकांत ही घर में कमाने वाले दो लोग हैं। कन्हैया के 65 वर्षीय किसान पिता जयशंकर सिंह सात साल से लकवे की वजह से बिस्तर पर हैं।

मीनाने कहा- “”जबसे हमें कन्हैया की गिरफ्तारी का पता चला है, लगातार टीवी देख रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि पुलिस ने उसे बहुत मारा नहीं होगा। देश तो क्या उसने कभी अपने माता-पिता का अपमान भी नहीं किया। कृपया मेरे बेटे को आतंकी मत कहिए। वह हो ही नहीं सकता।’’

क्याएबीवीपी सदस्यों ने लगाए पाकिस्तान-समर्थित नारे : पुलिसके सामने अब एक सवाल यह भी है कि पाकिस्तान समर्थित नारे कहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने तो नहीं लगाए? दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एबीवीपी के चार कार्यकर्ताओं को 9 फरवरी के प्रोग्राम में “”पाकिस्तान जिंदाबाद’’ नारे लगाते दिखाया है।





हालांकि, एबीवीपी ने आरोपों को खारिज कर छवि बिगाड़ने के लिए वीडियो को मॉर्फ करने का आरोप लगाया है। एक मिनट 32 सेकंड का यह वीडियो “”द कॉन्स्पीरेसी’’ टाइटल से है। लेफ्ट संगठनों का कहना है कि एबीवीपी ने ही नारे लगवाए और फिर पूरी साजिश रची। दो दिन में एक लाख से ज्यादा लोग यूट्यूब पर इस वीडियो को देख चुके हैं।

शिक्षकोंकी अपील, जेएनयू को राष्ट्र विरोधी करार ना दें : जेएनयूविवाद के बीच शिक्षकों ने लोगों से संस्थान को राष्ट्र विरोधी करार देने की अपील की है। शिक्षकों ने साथ ही दावा किया कि यूनिवर्सिटी का आंतरिक तंत्र पूरी तरह विकृत लग रहा है। संस्थान की स्वायत्ता का आत्मसमर्पण कर दिया गया है। सामाजिक विज्ञान के एक प्रोफेसर ने कहा कि “”हमने यहां सालों से पढ़ाया है, हमें पता है कि जेएनयू में होना कैसा होता है।



हम लोगों से अपील करते हैं कि वे वर्तमान विवाद के इतर देखें और जेएनयू के साथ राष्ट्र विरोधी का विशेषण ना जोड़ें।’’ शिक्षक कन्हैया के समर्थन में हैं। उनका कहना है कि छात्रों ने गलत किया है तो अनुशासनहीनता का मुद्दा है ना कि देशद्रोह का।

7छात्र जांच समिति के सामने तलब : जेएनयूकी उच्च स्तरीय जांच समिति ने 9 जनवरी के कार्यक्रम के सिलसिले में सात छात्रों को तलब किया है। जेएनयू के रजिस्ट्रार भूपिंदर जुत्शी ने कहा कि कन्हैया समेत आठ छात्रों को जांच पूरी होने तक शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रखा गया है। वे होस्टल में रह सकते हैं। ताकि जांच समिति के सामने पेश हो सकें। यूनिवर्सिटी ने यह फैसला प्रोक्टेरियल कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया है। जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट अगले हफ्ते तक तैयार हो जाएगी। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पुलिस कस्टडी में है।

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