हेडली के बयान पर राजनीति करना दुखद: उज्जवल निकम
26/11केस में विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने रविवार को कहा कि डेविड कोलमैन हेडली की गवाही पर कूट-राजनीति दुखद है। जो हेडली की गवाही पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें इसका महत्व समझ में नहीं रहा है। इस पर हो रही राजनीति देश के लिए हानिकारक है।
डेविड हेडली ने पांच दिन तक अमेरिका से वीडियो लिंक के जरिए मुंबई की विशेष कोर्ट में बयान दर्ज कराए। कांग्रेस समेत कुछ राजनीतिक दल बयानों पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा था कि हेडली का इशरत जहां का नाम आतंकी के रूप में लेना संदिग्ध है। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए थे कि हेडली के खुलासे नए नहीं हैं। अब इनका इस्तेमाल केंद्र सरकार कैसे करेगी? इसी तरह वृंदा ग्रोवर ने कहा था कि वकील ने अपने शब्द हेडली के मुंह में ठूंस दिए। इस तरह की आलोचना का जवाब देते हुए निकम ने कहा कि “दुनिया के इतिहास में पहली बार एक विदेशी दहशतगर्द ने किसी दूसरे देश में वीडियो लिंक के माध्यम से अपना दुष्कृत्य कबूला। साथ ही एक दहशतगर्द समूह का पर्दाफाश किया। इस प्रोजेक्ट पर मैं पिछले छह महीने से काम कर रहा था। हेडली पर कितना विश्वास रखना चाहिए, उसका इस्तेमाल क्या है, हमने इससे क्या हासिल किया है, उसकी गवाही सच क्यों मानी जाए, इस तरह के बेबुनियाद सवाल करने वाले पहले इसे अच्छी तरह से समझे कि यह मामला क्या है।’
इस्लामाबाद | पाकिस्तानमें नए हिंदू कानून के मुताबिक पति या प|ी में से कोई भी धर्म बदल ले तो उनका विवाह शून्य मान लिया जाएगा। इस प्रावधान पर बवाल होने के बाद इसे हटाने या बदलने के लिए सीनेट में चर्चा की जाएगी। नेशनल असेंबली इस कानून को पारित कर चुकी है। कानून और न्याय पर स्थायी समिति के अध्यक्ष सीनेटर नसरीन जलील ने कहा, ‘हिंदू विवाह कानून का प्रावधान 12 (iii) कहता है कि दंपती में किसी ने भी धर्म बदल लिया तो विवाह शून्य माना जाएगा। कई लोगों ने इसका समर्थन किया है लेकिन ज्यादातर ने विरोध किया है। इसलिए इस पर सर्वसम्मति बनाने की जरूरत है।’ जलील ने कहा कि अगर प्रावधान खत्म करने पर सहमति बनती है तो नेशनल असेंबली के स्पीकर को उसकी जानकारी दी जाएगी। नेशनल असेंबली की स्टैंडिंग कमेटी में इस प्रावधान को हटाए जाने के मुद्दे पर भारी बवाल हो चुका है। जेयूआई-एफ के सदस्य और सीआईआई के चेयरमैन मौलाना मुहम्मद खान शीरानी ने प्रावधान हटाने की कोशिश पर सख्त ऐतराज जताया है।
नई दिल्ली | लश्कर-ए-तैयबाके आतंकी डेविड हेडली की अमेरिका में रह रही प|ी शाजिया और उसका बिजनेस पार्टनर रेमंड सैंडर्स एनआईए की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने निजता के अधिकार का हवाला देकर एनआईए के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है।
जांच एजेंसी ने अमेरिकी न्याय विभाग के माध्यम से शाजिया और सैंडर्स से संपर्क साधा था। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी कानून के मुताबिक दोनों में से कोई भी आरोपी नहीं है। ऐसे में वे किसी विदेशी एजेंसी की जांच में सहयोग देने के लिए बाध्य नहीं हैं। यह उनकी मर्जी पर निर्भर करता है कि सवालों का जवाब देना चाहें या चाहें। जांचकर्ताओं का मानना था कि हेडली ने अपने परिवार के बारे में जानकारी छिपाई है। यह भी पता लगाना जरूरी है कि शाजिया या सैंडर्स को हेडली की भारत में गतिविधियों और लश्कर-ए-तैयबा से उसके जुड़ाव की जानकारी थी या नहीं।