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राशन दुकानों पर सतर्कता समितियों की निगरानी

5 वर्ष पहले
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फिर बनाई जा रही सतर्कता समितियां, प्रत्येक राशन डीलर को दिए फार्म

भास्करसंवाददाता| पाली

बरसोंसे मर्ज की गई राशन की दुकानों पर सतर्कता समितियों को एक बार फिर से जिंदा किया जा रहा है। अब नए आदेश के अनुसार राशन सामग्री का वितरण सतर्कता समितियों की निगरानी में ही होगा। राशन सामग्री की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने यह व्यवस्था नए सिरे से लागू करने का फैसला लिया है। सतर्कता समितियों का गठन करने के लिए राशन दुकानदारों को आवेदन पत्र वितरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार राशन दुकानों के लिए अब फिर से सतर्कता समितियों का निर्माण संभवत: मार्च महीने से होगा। यह समितियां राशन की दुकानों पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाली खाद्य सामग्रियों का वितरण करेंगी। अब राशन में होने वाली कालाबाजारी पर भी समितियां नजर रखेंगी। इसके लिए जिले के प्रत्येक राशन दुकानदार को आवेदन पत्र दिए गए हैं। इसमें छह सदस्यीय दुकान स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन कर रिपोर्ट रसद विभाग में पेश करनी होगी।

सतर्कता समिति में पार्षद होगा अध्यक्ष, 5 अन्य सदस्य

इससतर्कता समिति में वार्ड पार्षद अध्यक्ष होता है, जबकि पांच सदस्यों में दो सामाजिक कार्यकर्ता, दो सदस्य वार्ड के उपभोक्ता और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी या अधिकारी को शामिल किया जाता है। यह समितियां सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरण होने वाले खाद्य पदार्थों के वितरण पर पूरी तरह से नजर रखती हैं। इससे काफी हद तक कालाबाजारी पर भी रोक लग सकेगी। हर पांच साल में सतर्कता समितियों का गठन होता है, लेकिन चुनाव के कारण सतर्कता समितियों का गठन नहीं हो पाया था। अब जाकर इन समितियों का गठन किया जा रहा है।

केरोसिन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी

अबरसद विभाग का मानना है कि ज्यादा केरोसीन की बाजार में कालाबाजारी होगी। इसी कालाबाजारी को रोकने के लिए सतर्कता समितियों का गठन हो रहा है। यह समितियां राशन वितरण की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगी और यदि राशन डीलर कालाबाजारी करता हुआ पाया जाता है तो उसकी शिकायत अधिकारियों को भी करेंगी।

शीघ्रही शुरू हो सकता है मशीनों से वितरण

केरोसीनका वितरण भी अब पोस मशीन के माध्यम से ही होगा। इस माह शुरू होने वाले उपभोक्ता पखवाड़े में रजिस्टर का उपयोग नहीं होगा। रसद विभाग का मानना है कि रजिस्टर में एंट्री होने से फर्जीवाड़ा होता है। पोस मशीन से वितरण होने से इस फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी

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