असक्षम पुलिसकर्मियों का होगा समायोजन
राज्यमें पुलिस की नौकरी के दौरान गंभीर चोट लगने के बाद फील्ड ड्यूटी में सक्षम नहीं होने वाले पुलिसकर्मियों को अब हार्ड ड्यूटी करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। ऐसे पुलिसकर्मियों को विभाग के ही अन्य पदों पर समायोजित किया जाएगा। इस बारे में पुलिस महानिदेशक कपिल भट्ट ने आदेश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने अपने आदेश में यह भी साफ किया गया है कि समायोजित किए जाने वाले पुलिसकर्मी अगर संबंधित पद के लिए एलिजिबल नहीं हो तो उसे प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। ऐसे पुलिसकर्मियों से व्यवहार में भी नरमाई से काम लेने के लिए निर्देशित किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार चोटिल हाेकर अक्षम होने वाले पुलिसकर्मियों को अब विभाग की हार्ड ड्यूटी करने की मजबूरी नहीं रहेगी। इस संबंध में डीजीपी मनोज भट्ट ने एक लेटर जारी कर ऐसे पुलिसकर्मियों के इनके समकक्ष अन्य पदों पर समायोजन के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा है। डीजीपी ने इस बारे में स्थाई आदेश जारी करते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों को कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करनी होती है।
समकक्षपद के लिए विभाग प्रशिक्षित करेगा : डीजीपीसे प्राप्त आदेश के अनुसार जिले में निशक्त या अक्षम पुलिसकर्मी अन्य पद की पात्रता नहीं रखता है तो एचओडी और सक्षम अधिकारी उसको अन्य समकक्ष पद जैसे लिपिक ग्रेड-सैकंड आदि की ट्रेनिंग कराएगा। ताकि पुलिसकर्मी समकक्ष पद के लिए पात्र हो जाए और उसका उस पर पद पर समायोजन किया जा सके।
छूट के प्रावधान के तहत होगा समायोजित
इसदौरान कई ऐसे अवसर आते हैं, जिनमें वे गंभीर रूप से चोटिल होकर उनमें अक्षमता जाती है। इससे वे पुलिस सेवा के योग्य नहीं रह पाते हैं। इन पुलिसकर्मियों को अन्य पदों पर नियुक्ति देने के लिए राजस्थान निशक्त नियोजन नियम-2000 के नियम नौ में शारीरिक चिकित्सकीय परीक्षा से छूट का प्रावधान है। ऐसे में कर्मचारियों को किसी अन्य वैकल्पिक पद पर इन नियमों के अधीन समायोजित किया जा सकता है। अधिकारी ऐसे पुलिसकर्मी के अन्य पदों पर समायोजन के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजें। डीजीपी मनोज भट्ट ने इस आदेश की प्रति राज्य के एडीजी, सभी पुलिस आयुक्त, उपायुक्त, आईजी, एसपी सहित संबंधित अारएसी, एमबीसी, हाडीरानी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों काे भेजी है।