भामाशाहों के सहयोग से प्रधानाचार्य ने बदली स्कूल की सूरत
यदिइच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई व्यक्ति हर समस्या में विकट समय में भी समाधान खोज सकता है। ऐसे ही व्यक्ति है कस्बे की राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य निंबाराम चौधरी। राज्य सरकार की आदर्श विद्यालयों की कायाकल्प करने की योजना के तहत प्रधानाचार्य निम्बाराम चौधरी ने स्टाफ तथा भामाशाहों के सहयोग से स्कूल में ना केवल अत्याधुनिक सुविधाएं जुटाई बल्कि बच्चों के लिए हाइटेक अध्ययन की भी व्यवस्था कर डाली। आज स्थिति ये है कि अभिभावक प्राइवेट स्कूल की बजाय अपने बच्चों को इस सरकारी स्कूल में पढ़ाने में रुचि दिखा रहे है। प्रधानाचार्य का कहना है कि सभी प्रयास स्टाफ भामाशाहों के सहयोग से ही हुए है। यदि ऐसे प्रयास सभी सरकारी स्कूल में हो तो कोई अभिभावक अपने बच्चों को मोटी फीस देकर प्राइवेट स्कूल में पढऩे नहीं भेजे।
^सभी के सहयोग से स्कूल में विकास कार्य हुए है। जुलाई से पहले पूरे विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने का लक्ष्य भी है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण कार्य करवाते हुए अच्छा परिणाम देंगे। निंबारामचौधरी, प्रधानाचार्य
^विद्यालयमें अच्छा शैक्षणिक माहौल है। शिक्षक भी अध्ययन में काफी सपोर्ट कर रहे है। अत्याधुनिक हाइटेक सुविधाओं के चलते स्कूल आने का भी मन करता है। -रंजनासैन लाडू खां, छात्रा,12वीं विज्ञान वर्ग
{भव्य गेट आकर्षक रंग-रोगन {मुख्य गेट से कार्यालय तक एप्रोच इंटर लॉकिंग सड़क {स्कूल रोड के दोनों तरफ रंग-रोगन के साथ गार्डन {अध्यापन के लिए स्मार्ट क्लास {बड़े बच्चों की कक्षाओं में फर्नीचर तो छोटे बच्चों के लिए ड्यूल डेस्क {कम्प्यूटर लैब शिक्षक।
{हर कक्षा में ग्रीन बोर्ड।
रानीवाड़ा. स्कूल के मुख्य गेट से कार्यालय तक की गई इंटर लॉकिंग आदर्श रासीमा विद्यालय के मुख्य द्वार।