पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कुडा गांव में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों ने लगाया जाम

कुडा गांव में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों ने लगाया जाम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
निकटवर्तीकुडा गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों ने मंगलवार सवेरे 9 बजे रास्ता जाम कर शिक्षा विभाग राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा हाथों-हाथ वहां एक शिक्षक की नियुक्ति करने के बाद छात्र शांत हुए और जाम हटाया।

ग्रामीणों ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय में 200 छात्रों पर 3 शिक्षक ही लगे हुए हैं। जिससे छात्रों को शिक्षण में काफी परेशानी हो रही है। छात्रों ने बताया कि 3 शिक्षकों में से एक प्राथमिक तथा दो शिक्षक द्वितीय श्रोणी के हैं। जिसके कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस बारे में छात्रों ग्रामीणों ने कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ऐसे में छात्रों ने मंगलवार को मजबूरन रास्ता रोक कर प्रर्दशन किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर एक किमी वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद एएसआई कूपाराम मौके पर पहुंचे और छात्रों से समझाइश की, लेकिन छात्र नहीं माने। काफी देर बाद एएसआई द्वारा छात्रों पर पुलिस प्रकरण का दबाव बनाने ग्रामीणों की समझाइश पर रास्ता बहाल हो पाया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने तक एसएसआई मय जाब्ता मौके पर रहे। बाद में मौके पर नायब तहसीलदार अरूणकुमार त्रिवेदी, थानाधिकारी भवानीसिंह, नोडल प्रधानाचार्य अशोककुमार परमार मौके पर पहुंचे और वर्ता के बाद एक शिक्षक की नियुक्त की गई। कुड़ा राजकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीपसिंह ने बताया कि इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।

परेशान हुए यात्री

रास्ताजाम होने से कई वाहन वहां फंस गए। उसमें सवार यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। वाहनों में कुछ एेेसे यात्री भी थे, जिन्हें इलाज के लिए आगे जाना था, उन्हें भी काफी इंतजार करना पड़ा।

रानीवाड़ा. रास्ता जाम के दौरान दोनों ओर लगी वाहनों की कतार।

^जाम लगाने के दौरान मैं मौके पर पहुंच गया था और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दूरभाष पर वार्ता के बाद एक शिक्षक की नियुक्ति की गई है। जल्द ही अन्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। अशोककुमारपरमार, नोडलप्रधानाचार्य, रानीवाड़ा

^ग्रामीणोंऔर छात्रों की मांगें जायज है, लेकिन ग्रामीणों छात्रों द्वारा जाम लगाकर क