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पारिवारिक स्थिति सही नहीं होने से दुखी मगाराम शिविर में रो रहा था, कलेक्टर ने सुनी फरियाद

7 वर्ष पहले
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\\\"साब म्हनै तो धान जोइजे, फार्म नहीं भरणो\\\'

फरियादी

आदमीमें भूख की तड़प उसे हर किसी से जुदा कर देती है। ऐसा ही नजारा बुधवार को सुंदेलाव तालाब स्थित माता राणी भटियाणी मंदिर में आयोजित विशेष योग्यजन जांच शिविर में देखा गया। इस दौरान दोनों पैरों से लाचारा एक व्यक्ति शिविर में एक तरफ बैठ रोता रहा। कलेक्टर ने पूछा तब मालूम चला कि उसकी पारिवारिक स्थिति सही नहीं है। कलेक्टर ने हाथों-हाथ उसकी पेंशन शुरू कराई।

बुधवार को आयोजित शिविर में एक तरफ जहां विशेष योग्यजनों की जांच का कार्य चल रहा था, वहीं एक कोने में बैठा मगाराम अपनी भूख पर आंसू बहा रहा था। हालांकि मगाराम रानीवाड़ा के मोसातरा गांव से यहां शिविर में जांच करवाने आया था मगर पेट की भूख के आगे वह अपनी विकलांगता के दर्द को भूल अपनी दशा के बारे में विचार कर रोने लगा। कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान जब कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने अपना भाषण बीच में रोक दिया और उसके बारे में पूछा। उसने रोते हुए कहा साब म्हनै तो धान जोइजे पच्ची किलो गेहूं दिलवा दो हुकम। इस पर कलेक्टर ने कहा ये तो जांच शिविर है। यहां गेहूं नहीं मिलता। नहीं साब म्हनै तो गेंहू इज जोइजे। इस पर कलेक्टर ने उसकी पीड़ा को समझते हुए उसे चुप करवाने के साथ वहां खड़े सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के अधिकारी राजेंद्र पुरोहित को बुलवा हाथों-हाथ उसका पालनहार योजना में आवेदन करवा पेंशन फार्म भरवाया तथा पेंशन चालू करवाने के आदेश दिए। इसी के साथ उसके दोनों बच्चों के नाम भी पेंशन करवा उसको राहत दिलवाई।

फिरबोला गेहूं कद मिळेळा

इसकेबाद कलेक्टर ने उससे फिर कहा अब तो खुश अब तुम्हें हर माह चार हजार रुपए मिलेंगे। मगाराम फिर भी नहीं समझा और तपाक से कलेक्टर से सवाल करते हुए कहा साब गेहूं कद मिळेळा। इस पर कलेक्टर हंसते हुए कहा अरे भाई अब पेंशन राशि से तू गेंहू भी खरीद लेना।

फरियाद सुनने के बाद कलेक्टर ने मौके पर ही मगाराम के पेंशन शुरू करवाने के आदेश जारी किए जिससे फरियादी ने कलेक्टर को हाथ जोड़कर खुशी जताई।