थाइलैंड की भावी महारानी का इस्तीफा
बैंकॉक| जीहां, थाइलैंड की भावी महारानी भी इस्तीफा दे सकती हैं। सभी शाही पदों और पदवियों से। लेकिन युवराज को तलाक देना जरूरी नहीं है। थाइलैंड के युवराज वजीरालोंगकोर्ण की प|ी श्रीरश्मि ने शाही पदों और पदवियों से इस्तीफा दे दिया है और थाई नरेश भूमिबल अतुल्यतेज ने उसे मंजूर कर लिया है। थाइलैंड उन गिने-चुने देशों में है जहां राजघराने के किसी सदस्य के खिलाफ टिप्पणी करना दंडनीय अपराध है। दोषी को 15 साल तक की जेल हो सकती है। श्रीरश्मि के इस इस्तीफे की जानकारी राजघराने से जारी बयान में दी गई है और शाही गजट में छपी है। कुछ दिन पहले युवराज ने सरकार को लिखा था कि श्रीरश्मि के घरवालों की शाही पदवियां छीन ली जाएं। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे।
श्रीरश्मि राजगद्दी के वारिस युवराज वजीरालोंगकोर्ण की तीसरी प|ी हैं। दोनों का विवाह 2001 में हुआ था। उनके एक बेटा है। अब वजीरालोंगकोर्ण के महाराजा बनने पर श्रीरश्मि देश की महारानी नहीं बन सकेंगी। वजीरालोंगकोर्ण की दूसरी प|ी को भी इसी तरह राजघराने से हटना पड़ा था। उन्हें 18 साल पहले जबरन निर्वासन में जाना पड़ा था। वर्तमान थाई नरेश अतुल्यतेज 1946 से राजगद्दी पर हैं। उन्हें देश में भगवान के रूप में माना जाता है।