विधि विद्यार्थियों को दिया मार्गदर्शन
चित्तौड़गढ़ | गांधीनगरस्थित आरएनटी विधि महाविद्यालय में गुरुवार को विधिक चेतना शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीजेएम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव मधुसूदन शर्मा ने मध्यस्थता सुलह अधिनियम को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता एवं प्रासंगिक बताया। विशिष्ट अतिथि एसीजेएम मीना अग्रवाल ने लोक अदालत की कार्रवाई की जानकारी दी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं सिविल न्यायाधीश धर्मराज मीणा ने कहा कि बार एवं बैंच को अपनी जिम्मेदारी कर्त्तव्य की पालना करनी चाहिए। सिविल न्यायाधीश रश्मि आर्य ने दंड प्रक्रिया संहिता में न्यायिक कार्रवाई की जानकारी दी। प्रशिक्षु न्यायिक मजिस्ट्रेट रविकांत सोनी तथा सीमा ढाका ने विधि छात्र छात्राआें को आरजेएस परीक्षा के संबंध में जानकारी दिशा-निर्देश दिए। कॉलेज एमडी डॉ. वसीम खान ने बताया कि सफल अधिवक्ता के लिए निरंतर अभ्यास एवं गहन अध्ययन आवश्यक है। शिविर में प्राचार्य डाॅ. जेएल पुरोहित, महाविद्यालय समन्वयक गौरव त्यागी, विधि व्याख्यातागण डॉ. शिवदयाल व्यास, जफर हुसैन वैलिम, ललिता सोनी, राजेश खटवानी, जितेेंद्र ओझा, वरिष्ठ अधिवक्ता बीएल पोखरना एवं महाविद्यालय स्टॉफ के सिराजुद्दीन शेख, राजेन्द्र खटीक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।