ढिलाई से अटक गए 229 लाख के काम
दीपचंद पाराशर | चित्तौडग़ढ़
स्कूलसंस्था प्रधानों की ढिलाई के कारण जिले में 229 लाख के निर्माण काम पांच महीने से अटके हुए हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के 121 स्कूलों में कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कम्प्यूटर एवं कला कक्ष के लिए कमरे निर्माण के काम राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत नवंबर 2012 में स्वीकृत हुए।
इनकी वित्तीय स्वीकृति मार्च 2014 में मिली। इन कार्यों पर करीब 35 करोड़ पर रुपए खर्च होने थे। सभी निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रकिया जुलाई-अगस्त 14 में ही चुकी है।
जिले में 121 में से 113 स्कूलों में निर्माण कार्य कुछ में पूरे होने के कगार पर तो, कुछ में काम चल रहा है। शेष आठ स्कूलों में तो अभी निर्माण काम शुरू ही नहीं हो पाए। संस्था प्रधानों ने ठेकेदारों को निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई। इस कारण इन आठ स्कूलों में 35 कमरों का निर्माण शुरू नहीं होने से सरकार के 229 लाख रुपए का अभी तक उपयोग नहीं हो पाया है।
तकनीकीसमस्या भी एक कारण: आठस्कूलों में से कुछ में निर्माण शुरू नहीं होने का मुख्य कारण तकनीकी समस्या भी है। जैसे कुछ स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण तो, कुछ में जगह की कमी भी बताई जा रही है।
अबयह कर रहा विभाग: शिक्षाविभाग इन आठ स्कूलों का निरीक्षण करवाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाने की कार्ययोजना बना रहा है। राशि का उपयोग मार्च 2015 से पहले करना है। इसके बाद उक्त राशि लैप्स हो जाएगी।
कहां-कितने लाख के काम अटके
स्कूलका नाम राशि
राबाउमावि भैंसरोडगढ़ 20.55 लाख
राउमावि दावतकला 26.50 लाख
राउमावि खाती खेड़ा 20.55 लाख
राउमावि एकलिंगपुरा 26.50 लाख
राउमावि साड़ास 20.55 लाख
राउमावि बोरदा 18.55 लाख
राबाउमावि राशमी 33.44 लाख
राउमावि राशमी 18.52 लाख
लापरवाही
^आठ स्कूलों में 229 लाख के निर्माण अटके होने का मामला अभी ध्यान में आया है। किस कारण से इन स्कूलों में काम शुरू नहीं हो पाए, इसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी। मुरारीलालशर्मा, डीईओमाध्यमिक, चित्तौडग़ढ़
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 121 स्कूलों में मंजूर हुए थे कार्य, आठ में काम शुरू ही नहीं हुआ