घायल देवकांत ने जयपुर में दम तोड़ा
छात्र की मौत की सूचना पर युवा आक्रोशित हो गए। युवाओं ने डीएसपी टीडी पुरोहित से हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। युवकों ने कहा कि वारदात के चार दिन बाद भी पुलिस हमलावरों का पता नहीं लगा पाई। कस्बे में बढ़ती वारदातों से लोगों में दहशत है। डीएसपी पुरोहित ने हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर बनवारी पीपलवा, निखिल इंदौरिया, अमित मंगलहारा, प्रदीप आत्रेय, मुरारीलाल चाकलान आदि युवक उपस्थित थे। इसी तरह लोक सेवा संस्थान, दी यंग्स वेलफेयर सोसायटी राजस्थान गौड़ ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष विजयकुमार हरितवाल ने भी वारदात की निंदा की। उल्लेखनीय है कि वारदात वाले दिन भी युवकों ने कई जगह चक्काजाम टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया था। यह सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। जिसके चलते हाईवे पर करीब दो घंटे जाम रहा था।
रतनगढ़. डीएसपी से वार्ता करते युवक।
रतनगढ़. मौतकी सूचना मिलते ही शहर में अधिकांश दुकानें बंद हो गईं।
रतनगढ़. छात्रदेवकांत का शव जयपुर से लाया गया तब घर के आगे सैकड़ों लोगों इकट्ठे थे।
देवकांत (फाइल)
गाए जाने थे मंगल गीत, छा गया मातम
दो-तीनदिन बाद जिस घर में मंगल गीत गाए जाने वाले थे वहां सोमवार को मातम छा गया। 20 फरवरी को देवकांत के ताऊ की लड़की की शादी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। छात्र की मौत से मंगल गीत शहनाई बजने की बजाय रूदन और मातम शुरू हो गया।
यहहै वारदात
कस्बेमें छह फरवरी को एक नकाबपोश व्यक्ति ने 19 साल के देवकांत की कनपटी पर गोली मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नकाबपोश एक दीवार फांदकर फरार हो गया। संभवत: आगे उसके कुछ साथी भी खड़े थे। घायल अवस्था में देवकांत को सरकारी अस्पताल में लाया गया जहां से डॉक्टरों ने जयपुर रैफर कर दिया था। हमलावर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दो दिन बाजार बंद रहे। लोगों ने हाईवे सहित कई जगह जाम लगाया था।
भास्कर न्यूज | रतनगढ़
कस्बेमें छह फरवरी को स्कूल के बाहर गोली लगने से घायल 19 वर्षीय छात्र देवकांत की रविवार रात मौत हो गई। सोमवार दोपहर लाश घर पहुंची तो परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया। कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। खनिज, वन पर्यावरण राज्यमंत्री राजकुमार रिणवा ने घर जाकर परिजनों को ढाढस बंधाया। वे छात्र के रिश्तेदार हैं।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचाररत देवकांत की मौत की खबर मिलने पर कई शिक्षण संस्थाओं ने संवेदना व्यक्त करते हुए छुट्टी कर दी। दोपहर दो बजे के करीब परिजन शव लेकर रतनगढ़ पहुंचे। उस समय घर के आगे काफी लोग जमा थे। घर में कोहराम मच गया। परिजनों के साथ लोग भी स्तब्ध थे। अंतिम संस्कार चौधरी श्मशान घाट में किया गया।
सभीका था चहेता देवकांतपरिवार मोहल्ले में सभी का चहेता था। मोहल्ले के कई घरों में सोमवार को चूल्हे तक नहीं जले। लोगों ने बताया कि देवकांत मिलनसार था। बड़ों का सम्मान भी खूब करता था। उसकी मौत पर विश्वास ही नहीं हो रहा।