भक्ति के लिए समर्पण भाव जरूरी : मिश्र
समाधि स्थल स्थित दुर्गा मंदिर में राम कथा, राजलदेसर में देश की खुशहाली के लिए किया महायज्ञ
धर्म-कर्म
समाधि स्थल स्थित दुर्गा मंदिर में चल रही राम कथा मे गोपाल मिश्र ने कहा कि भक्ति के लिए समर्पण भाव जरूरी है, निष्काम भाव से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। शनिवार की कथा में कथा वाचक ने कहा कि प्रभु का अनुभव परमात्मा की कृपा से ही होता है और संसार के कण-कण में भगवान विराजमान है। मिश्र ने कहा कि जीवन में सुख और आनंद चाहते हो तो भगवान की समर्पण भाव से भक्ति करनी चाहिए, तभी भगवान प्रसन्न होते हैं और जीवन आनंदमय हो जाता है। राम कथा शुरू होने से पूर्व मुख्य यजमान विजयकुमार अग्रवाल दंपत्ती ने व्यासपीठ की पूजा की। समाधि स्थल में नवनिर्मित मंदिर प्रांगण में पंडित आनंदकुमार सारस्वत के नेतृत्व में पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार से पूजा-अर्चना की जा रही है। शुक्रवार रात राधा-कृष्ण रासलीला में कंस वासुदेव संवाद, नंद उत्सव, पूतना वध, महारास, मयूर नृत्य की लीला का मंचन किया गया। राम कथा शुरू होने से पूर्व कथा वाचक मिश्र का ओमप्रकाश मंगलहारा, राजकुमार पुरोहित, देवकीनंदन मंगलहारा, घीसाराम बबेरवाल, रतनलाल लोहिया, बिशनदयाल गोरिसरिया, सीताराम काछवाल, प्रमोद बोथरा, रामावतार चोटिया, कैलाश रिणवा, गोपाल मंगलहारा, हनुमानप्रसाद घोड़ीवाला सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
रतनगढ़. राम कथा में प्रवचन देते मिश्र
राजलदेसर. कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
रतनगढ़. राम कथा में उपस्थित श्रद्धालु।