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- 30 हजार में मिल रहे घर, फिर भी नहीं ले रहे लोग
30 हजार में मिल रहे घर, फिर भी नहीं ले रहे लोग
विस्थापितों के 393 मकानों की जगह पर बनेंगे अब सिर्फ 110 मकान, पालिका ने खींचे हाथ
विडंबना
लोगों का कहना है कि घर की साइज छोटी है। उनका परिवार बड़ा है। ऐसे में वह जहां रह रहे हैं वहीं खुश हैं। यह भी कहना है कि उन्होंने अपना घर बनाने में भी राशि लगा रखी है। कईयों ने तो, 5 से 10 लाख रुपए मकानों में खर्च कर सुविधायुक्त मकान बना रखें हैं। जब नया घर लेंगे तो उन्हें वो घर जमीन खाली करनी होगी। इस मामले में जब नगर पालिका ईओ ने बस्ती के लोगों से पूछा तो अधिकांश लोगों ने कहा कि इन घरों में हम नहीं आना चाहते। परियोजना में पालिका की अपनी ओर की 3 करोड़ 12 लाख की राशि राविल को जमा की गई है। अब पालिका ने सिर्फ 110 घर के बाद ही काम रोक देने के लिए कहा है। इसके लिए पालिका की अोर से निर्माणकर्ता कंपनी टेलीकम्युनिकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड को पत्र लिखकर जयपुर में दिया जा रहा है। (शेष...पेज- 14 पर)
रावतभाटा। पॉश इलाके में 30 हजार में मकान लेने को तैयार नहीं हैं लोग।