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सरकार स्पष्ट आदेश जारी करे तो िमलंे पट्टे
रावतभाटाशहर पिछले 50 सालों से सबसे बड़ी समस्या से जूझ रहा है, वह समस्या है, बरसाें से रह रहे और व्यवसाय कर रहे लोगों के पास पट्टे नहीं होना। इस समस्या के कारण जहां आम आदमी भयग्रस्त है, सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और रावतभाटा का विकास नहीं हो रहा है। बरसाें से रह रहे लोग अपने ही घर का नवनिर्माण करने से डरते है। कभी पालिका नोटिस देती है तो, कभी कोई धमकाता है। ऐसे करते, करते यहां घर भी बन रहे हंै और दुकानें भी, लेकिन नगरपालिका को कोई लाभ नहीं हो रहा है। अब मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने रावतभाटा नगरपालिका की समस्याओं की जानकारी मांगी है। जिस पर नगरपालिका ने बरसों से रह रहे रावतभाटा के लोगों को नियमन के स्पष्ट आदेश जारी करने के लिए अनुरोध किया है।
नगरपालिका ईओ जेपी शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर की 20 नगरपालिकाओं से भी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के सचिव ने जिला कलेक्टर के माध्यम से जानकारी मांगी है। जिसमें नगरपालिका रावतभाटा ने सबसे बड़ी समस्या नियमन किए जाने का अनुरोध किया है। जिसमें बताया गया है कि नगरपालिका क्षेत्र में पूर्व ग्राम पंचायत काल में जारी पट्टों की भूमि पर कई व्यक्तियों ने व्यवसायिक संपत्ति निर्मित कर ली है। उक्त भूमि सिंचाई विभाग के स्वामित्व की थी। जो 2007 में नगरपालिका को समूल्य पर स्थानांतरित की गई है। भूखंडों पर व्यवसायिक निर्माण होने से नियमन नहीं किया जा सका। लोग पट्टे की मांग कर रहे है। यदि प्रशासनिक आदेश जारी हो जाए तो, रावतभाटा की समस्या का निस्तारण हो सकता है। इसके लिए राज्य सरकार उचित दर निर्धारित कर सकती है। जिससे नगरपालिका को करोड़ों रुपए के राजस्व की आय होगी।
400गुमटियों को उचित स्थान पर किया जाए शिफ्ट
मुख्यमंत्री को भेजी गई समस्याओं की जानकारी में रोड पर लगी 400 गुमटियों को भी समस्या बताया है। इसके लिए नगरपालिका ने सुझाव दिया है कि इन्हें खाली कराया जाना आवश्यक है, लेकिन गुमटीधारियों को उचित स्थान पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। इसके लिए नगरपालिका योजना तैयार करवा रही है।
सफाईकर्मीभर्ती सहित कई मुद्दों पर भेजी राय
रावतभाटाकी नगरपालिका ने अक्टूबर के महीने में भर्ती किए गए 122 सफाई कर्मियों के मामले में भी रिपोर्ट सरकार को भेजी है। पालिका द्वारा भेजी गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके मामले में भ