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रावतभाटा के तीन विभागों में वेतन को तरस रहे हंै कर्मचारी

7 वर्ष पहले
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रावतभाटा। लोगमेहनत मजदूरी करते हैं, पसीना बहाते हैं। अपना और परिवार का पेट पालते हैं। जहां पर पसीना बहाते हैं, वहां पर पसीना सूखने से पूर्व ही मेहनताना मिल जाता है, लेकिन शहर में बिलकुल विपरीत हो रहा है और यह नई सरकार आने के बाद हुआ है। इसके लिए पूर्व सरकार को दोषी बताया जा रहा है या पूर्ववर्ती सरकार की कमियां बताई जा रही हैं, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जाएगी या जो लोग पसीना बहा रहे हैं, उनको पारिश्रमिक दिलाया जाएगा। ऐसा ही शहर में कॉलेज, पालिका और होमगार्ड के जवानों के साथ हो रहा है। वहीं इसके अलावा एनआरएचएम में नियुक्त एएनएम के साथ भी यहीं स्थिति है।

कॉलेजमें नहीं मिला 8 माह से वेतन

महाराणाप्रताप कॉलेज पूर्व सरकार ने सरकारी घोषित किया था। इससे पूर्व यह स्ववित्तपोषित था। सरकारी होने पर समारोह आयोजित किया गया और नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई। बाद में भाजपा सरकार ने इसे अभी विचाराधीन रखा है और नाेडल अधिकारी का स्थानांतरण हो गया। नोडल अधिकारी का स्थानांतरण होने से कॉलेज में कार्यरत 8 व्याख्याताओं और 13 स्टाफ को पिछले 8 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। यह कर्मचारी इतने महीनों का वेतन नहीं मिलने से अपने घर का खर्च कैसे चला रहे है। यह इनसे कोई पूछ कर देखे, कॉलेज कर्मचारी, विधायक, सांसद से लेकर सरकार तक गुहार लगा चुके है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला और शीघ्र वेतन भुगतान का कोई आसार नजर भी नहीं रहा है। जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक परिवेदना भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक हल नहीं निकला।

120सफाई कर्मियों को भी नहीं मिला 11 माह से वेतन

नगरपालिकारावतभाटा में 122 सफाई कर्मियों की भर्ती अक्टूबर 2013 में की गई थी, यह भर्ती इसी बोर्ड के कार्यकाल में हुई, इसमें 2 सफाईकर्मी नौकरी छोड़ गए, जबकि शेष 120 सफाई कर्मी अभी भी सफाई कार्य कर रहे है। इनकी भर्ती से पूर्व इनसे नालों की सफाई कराई गई और इनकी कार्य कुशलता भी देखी गई। चुनाव से पूर्व हुई सफाई कर्मियों की भर्ती नई सरकार आते ही संदेह के घेरे में गई। पालिकाध्यक्ष ने चयन का विरोध किया और चयन प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया, मामला स्वायत्त शासन विभाग और न्यायालय में चला गया, लेकिन अभी तक इसका कोई फैसला नहीं हुआ और 120 सफाईकर्मी अपना पसीना अभी भी बहा रहे है, लेकिन अभी तक क