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राशि मंजूर, 8 माह बाद भी शुरू नहीं हुआ स्कूलों में निर्माण

7 वर्ष पहले
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माध्यमिकशिक्षा विभाग के अभियान रामसा में रावतभाटा क्षेत्र के 4 स्कूलों के कमरों और अन्य निर्माण पर 94 लाख रुपए स्वीकृत होने के बाद भी 8 माह से काम अटका हुआ है। कहीं स्कूल संस्था प्रधानों की ढिलाई, कहीं जमीन की कमी, तो कहीं ठेकेदार द्वारा काम शुरू नहीं करने से काम अटके हैं।

क्षेत्र के एकलिंगपुरा, धावदकलां, भैंसरोडगढ़, खातीखेड़ा में राशि स्वीकृत हुई थी। वहीं, पूरे जिले में 121 स्कूलों में कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कम्प्यूटर एवं कला कक्ष के कमरों के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी। जिले के 8 स्कूलों के काम अटके हुए हैं, जिसमें 4 रावतभाटा उपखंड के हैं। यह राशि 2012 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन 8 माह पहले ही इसके टेंडर हुए हैं।

जुलाईमें हुए थे टेंडर

सभीनिर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रकिया जुलाई-अगस्त 14 में ही चुकी है। जिले में 121 में से 113 स्कूलों में निर्माण कार्य कुछ में पूरे होने की कगार पर है तो, कुछ में काम चल रहा है। शेष आठ स्कूलों में तो अभी निर्माण शुरू ही नहीं हो पाए। संस्था प्रधानों ने ठेकेदारों को निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई। इस कारण इन आठ स्कूलों में 35 कमरों का निर्माण शुरू नहीं होने से सरकार के 2.29 लाख रुपए का अभी तक उपयोग नहीं हो पाया है।

कहांक्या कारण

भैंसरोडगढ़संस्था प्रधान ऊषा तिवारी के अनुसार स्कूल के लिए कुछ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है, जिसे पंंचायत समिति से लेनी है, लेकिन मामला अटका हुआ है। इस मामले में एसडीएम से अनुरोध भी किया जा चुका है। धावदकलां स्कूल प्रभारी रामनारायण ने बताया कि 4 कमरे स्वीकृत हुए हैं, लेकिन ठेकेदार काम करने ही नहीं आया। एकलिंगपुरा प्रभारी देवेंद्रकुमार का कहना है कि ठेका हो चुका है। ठेकेदार से बात भी की थी। कुछ दिनों में काम शुरू करने की बात ठेकेदार कह रहा है। खातीखेड़ा स्कूल प्रभारी लालाराम का कहना है कि भूमि देखी गई है। अभी काम शुरू नहीं हुआ है।

अबयह कर रहा विभाग

शिक्षाविभाग इन आठ स्कूलों का निरीक्षण करवाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाने की कार्ययोजना बना रहा है। राशि का उपयोग मार्च 2015 से पहले करना है। इसके बाद यह राशि लैप्स हो जाएगी।

^आठस्कूलों में 2.29 लाख के निर्माण अटके होने का मामला अभी ध्यान में आया है। किस कारण से इन स्कूलों में काम शुरू नहीं हो पाए, इसकी वास्तविक स्थिति का प