भोले नाथ कृपा के अथाह सागर
रावतभाटा| मुक्तेश्वरमहादेव मंदिर में महाशिवपुराण कथा में महा मण्डलेश्वर स्वामी हेमा सरस्वती ने बिंदुक कथा और महा शिवपुराण कथा का महातम्य बताया। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ कृपा के अथाह सागर हैं और मात्र भवमय जल चढाने से ही प्रसन्न होकर कुबेरों का धन लुटाने वाले भक्त की प्रत्येक मनोकामना बहुत ही सहज में पूरी करते हैं। उन्होंने कहा तीन परम साधक, तीन परम साधन, एवं तीन परम साध्याें को आज के जीवन में किस प्रकार मानव उपयोग का जीवन सफल कर सकता है। और समस्त चराचर का कल्याण हो सकता है। इसकी विस्तार से जानकारी दी। अहंकार ही विनाश का कारण है। भस्मासुर को भी अपनी सिद्धी का अहंकार हाे गया था। अंहकार में सिद्धी देने वाले भगवान शिव को ही भस्म करने चला था। नाश को प्राप्त हुआ उन्होंने कहा श्री शिव महापुराण भोलेनाथ का साक्षात वाग़्मय स्वरूप हैं। कथा में भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नत्य करते रहे हरिद्वार के जूना अखाड़ा की महामण्डलेश्वर मैत्रेयगिरी महाराज का स्वागत, अभिनंदन किया गया।