- Hindi News
- National
- नई टंकियों से लाइनें जुड़ेंगी, अछूते इलाकों में भी आएगा पानी, परंतु एक बार ही
नई टंकियों से लाइनें जुड़ेंगी, अछूते इलाकों में भी आएगा पानी, परंतु एक बार ही
कनेक्शन नई लाइन में होंगे शिफ्ट
एक ओर जलदाय विभाग नए फिल्टर प्लांट की एनओसी देने में अडंगा लगा रहा है तो, दूसरी ओर कह रहा है कि नगरपालिका की ओर से आईएचएसडीपी योजना में बनाई गई पानी की टंकियों को जोड़ा गया तो, शहर में एक समय ही पानी मिल पाएगा। जबकि अभी शहर में दो समय पानी की आपूर्ति की जाती है। जलदाय विभाग का कहना है कि लोगों को विश्वास में लेना होगा। तभी सभी को पानी पहुंच पाएगा, लेकिन जलदाय विभाग का यह दावा कितना सही है यह तो इसी बात से स्पष्ट हो जाता है कि फिल्टर प्लांट की क्षमता ही सीमित है, ऐसे में गर्मियों के मौसम में सबको पानी कैसे मिलेगा। इसके लिए जलदाय विभाग ने पालिका को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है।
पत्रलिखकर ये दिए गए सुझाव
फिल्टरप्लांट की क्षमता 38 लाख लीटर है। जिससे नयाबाजार, आरपीएस कॉलोनी, बालाजीनगर की टंकी को दिन में दो बार भरकर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। साथ ही आरपीएस के वार्ड नंबर 7, नहर क्षेत्र, एन टीसी बस्ती, झालरबावड़ी प्रतापनगर में पंप मोटर से बूस्टिंग कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पालिका की ओर से बनाई गई आरपीएस कॉलोनी, आदर्श नगर की टंकियों को जोड़ा गया तो दिन में एक बार पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
स्थितिके अनुसार ये बताया समाधान
रावतभाटाशहर पहाड़ी पर बसा है। कुछ क्षेत्र ऊंचा, कुछ क्षेत्र ढलान वाला है। सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से पेयजल वितरण के लिए हाईजाेन , लोवरजोन के अलग अलग फिल्टर कनेक्शन करने होंगे। आवश्यकता अनुसार ढलान वाले क्षेत्र में पानी को कंट्रोल करने के लिए नए वाल्व लगवाने होंगे। विभिन्न स्थानों पर नई, पुरानी पेयजल लाइनों के इंटर कनेक्शन करने होंगे। हाई जोन, लोवरजोन को अलग रखने के लिए 1 हजार मीटर 100 एमएम और 150 एमएम डीआई लाइन की आवश्यकता होगी। पंपहाउस में एमएस पाइप के इंटर कनेक्शन करवाने होंगे। वितरण लाइनों को अलग अलग जाेन बनाकर जोड़ना होगा। इसके लिए वाल्व लगाने होंगे। जो अभी तक नहीं लगाए गए।
टंकियों,पाइप लाइनों की जांच नहीं की गई
^पालिकाकी ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई पेयजल टंकियों को हेंडओवर करने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन अभी तक पालिका की ओर से बनाई गई पानी की टंकियों, पाइपलाइनों की जांच नहीं की गई। ना ही वाल्व लगाए गए है। यह कार्य पूरा होने के बाद ही जलदाय विभाग इसे ले सकता है।
महावीरमीणा एईएनजलदाय विभाग रावतभाटा
बिजलीलोड बढ़ाने की बताई जरूरत
नगरपालिकाकी ओर से स्थापित पंपसेट 39 मीटर हेड का है। इससे नगरपालिका द्वारा बनाई गई टंकियों में पानी नहीं गिर सकता। एक पंपसेट का हेड बढ़ा दिया गया है। दूसरे पंपसेट का बढ़ाने के लिए फर्म को पाबंद किया जाए। दोनों टंकियों के लिए दो ही मोटर है। इसके लिए एक अतिरिक्त स्टेंड बाई पंपसेट 60 एचपी, 75 मीटर हेड का स्थापित कराया जाए। पंपहाउस में 185 केवीए क्षमता का कनेक्शन है। 60,60 एचपी की दो मोटरों को चलाने के लिए 120 केवीए क्षमता का अतिरिक्त विद्युत भार बढ़वाना अतिआवश्यक है।
नईलाइन से जोड़े कनेक्शन
शहरके अन्य सभी उपभोक्ता, जिनके कनेक्शन पुरानी लाइनों से है और नई लाइन में शिफ्ट किए जाने है, उनके कनेक्शन ठेकेदार फर्म से शिफ्ट कराए जाए। पुरानी लाइन से कनेक्शन को डीसी कराया जाए। आईएचएसडीपी योजना में डलवाई गई राइजिंग और वितरण पाइप लाइनों के नक्शे जलदाय विभाग को उपलब्ध कराए जाए। उच्च जलाशयों में पूरी क्षमता से पानी भरवाकर चेक कराया जाए। वितरण पाइप लाइनों में जलप्रवाह कराकर चेक कराया जाए। वितरण लाइनों में वॉश आउट नहीं लगाए गए है। वॉश आउट लगाए जाए। राइजिंग लाइनों में एयर वाल्व एवं चैम्बर बनाया जाना अतिआवश्यक है।
रावतभाटा। नगरपालिका की आईएचएसडीपी योजना में शहर की आरपीएस कॉलोनी में बनाया गया उच्च जलाशय