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7 बच्चों पर चल रहा है स्कूल फिर भी नहीं किया एकीकरण

7 वर्ष पहले
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कोटा। राज्य सरकार की ओर से स्कूलों के एकीकरण की लंबी प्रक्रिया के बाद भी शहर के दो स्कूल एकीकरण प्रक्रिया से बच गए। इन स्कूलों को एकीकरण प्रक्रिया से बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखा गया और समय पर इनकी जानकारी नहीं भेजी गई या कुछ शिक्षकों को उपकृत करने के लिए जानबूझकर यह कार्य किया गया।

कई शिक्षक कह रहे है कि एकीकरण प्रक्रिया से आरपीएस डेम साइट उच्च प्राथमिक स्कूल और अंबेडकर बस्ती स्थित प्राथमिक स्कूल को अलग रखने का कारण समझ में नहीं आया। कई शिक्षकों का कहना है कि जो नियम अन्य स्कूलों पर लागू किए गए वह इन दोनों स्कूलों पर लागू क्यों नहीं किए, इसका क्या कारण रहा।

7 बच्चों के बाद भी दी गई 23 के नामांकन की जानकारी

अंबेडकर बस्ती स्थित प्राथमिक स्कूल की स्थिति विचित्र है। इस स्कूल में 23 बच्चों का नामांकन बताया गया है। जबकि स्कूल में रोजाना 6-7 बच्चे ही उपस्थित होते है। इसके लिए दो शिक्षक नियुक्त है। इस स्कूल पर लगभग 1 लाख रुपए का हर महीने खर्च है और बच्चे सिर्फ 7 ही पढ़ रहे है। स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है। निर्माण कार्य घटिया कराया गया।
इस तरह है संख्या
स्कूल में कक्षा 5 में 9, कक्षा 5 में 3, कक्षा 3 में 4, कक्षा 2 में 4, कक्षा 1 में 3 स्टूडेंटस का नामांकन है। जिसमें से कक्षा 5 का 1, कक्षा 2 के 2, एवं कक्षा 1 का 1 स्टूडेंटस मौजूद थे। दो बच्चे बाद में आए, जिनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। कक्षा 4 एवं 3 का कोई भी स्टूडेंटस स्कूल में मौजूद नहीं था।

पोषाहार बनाने के लिए कुक नियुक्त :
अंबेडकर बस्ती स्थित स्कूल में पोषाहार बनाने के लिए कुक नियुक्त है। जो रसोई घर में खाना नहीं बनाकर स्कूल भवन के एक कमरे में खाना बनाती है। रसोई घर बनाने पर राशि खर्च की गई, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो रहा है।

झाड़ियों से परेशानी

अंबेडकर बस्ती स्थित स्कूल भवन में आने वाले नन्हें बच्चों को कच्चे पथरीले मार्ग से आना पड़ता है और चारदीवारी में झाड़ियां ही झाड़ियां है। इनमें कभी कोई जानवर भी सकता है, लेकिन इसकी सफाई कोई नहीं कराता। स्कूल में पुस्तकें रखी हुई है जो, बच्चे नहीं होने के कारण वितरित नहीं की गई।