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चेयरमैन और भाजपाई कब्जा नियमन के लिए सीएम से करेंगे मुलाकात

7 वर्ष पहले
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प्रदेशसरकार का एक साल पूरा होने पर आयोजित रैली में शामिल होने जा रहे नगरपालिका चेयरमैन बंशीलाल और भाजपा पार्षद मुख्यमंत्री वसुंधराराजे से विधायक सुरेश धाकड़ के साथ मिलकर रावतभाटा के भूमि विवाद के समाधान के लिए एवं सालों से रह रहे लोगों के कब्जों के नियमन मुद्दे पर मुलाकात करेंगे। चेयरमैन बंशीलाल प्रजापत और नगर भाजपा अध्यक्ष राजकुमार वधवा ने बताया कि रावतभाटा में कई सालों से लोग रह रहे हैं, लेकिन उन्हें पट्टों का हक नहीं दिया गया।

रावतभाटा के लिए विशेष योजना बनवाकर पट्टे दिलाने के लिए सीएम से अनुरोध किया जाएगा। चेयरमैन बंशीलाल का कहना है कि प्रदेश में अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है। प्रशासन और सरकार का यहां भी दबाव है। यहां पर स्थिति दूसरी है। यहां पर लोग बरसों से रह रहे है और अधिकांश लोगों के पास पट्टे ही नहीं है। ऐसे में किसे हटाए और किसे रोके यह बड़ी समस्या है। चेयरमैन का यह भी कहना है कि कब्जा कर बेचने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। कब्जा करने पर भी रोक लगाई जाएगी।

क्याहै विवाद

रावतभाटाका 30 साल पुराना जमीन विवाद है। रावतभाटा में सभी भूमि राणा प्रताप सागर बांध सिंचाई विभाग की थी। पंचायत बनी, नोटिफाइड एरिया बना, जमीन को लेकर सिंचाई विभाग और पंचायत में विवाद चलता रहा। 2006 में विवाद को विराम देने के लिए सिंचाई विभाग की कॉलोनी को छोड़कर नगरपालिका ने भूमि खरीदी, जिस पर लोगों के कब्जे थे और मकान बना रखे थे। पालिका ने इस वादे के साथ जमीन खरीदी थी कि नियमन किया जाएगा। प्रशासन शहरों के संग अभियान चला, लेकिन खूब पक्षपात हुआ। महज 300 लोगों का ही नियमन हुआ। जबकि अभी भी 3 हजार से ज्यादा लोगों के कब्जे है। जिन्हें पट्टे नहीं मिले। रावतभाटा में यह भी समस्या है। कि कइयों के पास 300 गज से ज्यादा जमीन है। लोग चाहते है कि सरकार राशि लेकर नियमन कर दे।

50करोड़ से ज्यादा की होगी आय

रावतभाटानगरपालिका के 12 वार्ड ऐसे है जिसमें नियमन किया जा सकता है। जिसमें रावतभाटा के प्रमुख बाजार भी शामिल है। इससे नगरपालिका को महज 1 साल में ही 50 करोड़ से अधिक की आय हो सकती है। जिससे शहर का कायाकल्प हो सकता है। रावतभाटा के बाकी 13 वार्ड सरकारी कॉलोनियां है।

रावतभाटा। विवादोंमें उलझे होने के कारण शहर में अधिकांश लोगों के पास अभी भी नहीं हैं पट्‌टे।

अलग जगह होने पर अतिक्रमण की परिभाषा भी अलग