- Hindi News
- मालादेवी बांध का निर्माण बारिश से पहले होगा पूरा
मालादेवी बांध का निर्माण बारिश से पहले होगा पूरा
निर्माण में यह हो रहा है काम
निर्माणस्थल पर वेस्टवियर की खुदाई का कार्य किया जा रहा है। यह 130 मीटर लंबी है। बेडबार चुनाई का कार्य, रिंगवाल का कार्य जारी है। यह 60 मीटर बनाई जा रही है। पानी के निकास के लिए स्लूज के लिए पाइप लगाया जाएगा। जो 1 मीटर डाया का होगा। अभियंता केएल धाकड़ ने बताया कि बांध का निर्माण 2 साल में पूरा किया जाना है, लेकिन इसका लक्ष्य इस वर्ष जून माह तक ही पूर्ण करने का है। जिससे किसानों को लाभ मिल सके।
रमेश गुलाटी | रावतभाटा
बोरावक्षेत्र के मालादेवीबांध का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसका निर्माण बारिश से पहले पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग प्रयासरत है। इससे बोराव क्षेत्र की 138.78 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
मालादेवी परियोजना का बांध मिट्टी से बन रहा है। बांध की 1110 मीटर लंबाई, 8.30 मीटर ऊंचाई होगी। सिंचाई के लिए बांध से 2. 40 किलोमीटर नहर निकाली जाएगी। इससे शंभूनाथ का खेड़ा, पीपल्दा, किशनपुरिया के किसानों की जमीन सिंचिंत होगी। बांध की कुल भराव क्षमता 29.12 एमसीएफटी होगी। जिसमें से उपयोगी 25.17 एमसीएफटी मात्रा होगी।
शंभूनाथका खेड़ा में हो रहा बांध का निर्माण
बांधका निर्माण तंबोलिया पंचायत के गांव शंभूनाथ का खेड़ा में किया जा रहा है। अभियंता केएल धाकड़ ने बताया कि इस बांध के निर्माण की घोषणा 2008 में भाजपा सरकार के समय हुई थी। इसका शिलान्यास भी किया गया था। इस बांध के निर्माण के लिए 2004 से लगातार कई मंचों पर आवाज उठाई गई। अब जाकर यह कार्य प्रारंभ हुआ है।
किसानोंको मिलेगा अवार्ड
इसबांध के निर्माण में 11 किसानों की भूमि डूब में रही है। सरकार ने किसानों की भूमि अवाप्त की है और इन किसानों को जलसंसाधन विभाग की और से अवार्ड के रूप में राशि दी जाएगी। धारा 4 एवं 6 की कार्यवाही की गई है। इसके लिए उपखंड अधिकारी ने पत्रावली बनाकर जिला कलेक्टर को भेजी थी। जहां से स्वीकृति मिलने के बाद जलसंसाधन विभाग एक्सईएन कार्यालय को भेजी गई। जहां से किसानों को अवार्ड की राशि के चैक जारी हो चुके है। प्रभावित किसानों को राज्य सरकार की ओर से जारी नई नीति से मुआवजा दिया जाएगा। इसमें लगभग 7 हैक्टेयर भूमि किसानों की है। जिनको मुआवजा देना है। मुआवजा राशि देने के लिए मौके पर भूअभिलेख निरीक्षक नाहरसिंह राठौर को भेजा गया है। इसमें 44 खातेदार बताए जा रहे है।
रमेश गुलाटी | रावतभाटा
बोरावक्षेत्र के मालादेवीबांध का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसका निर्माण बारिश से पहले पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग प्रयासरत है। इससे बोराव क्षेत्र की 138.78 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
मालादेवी परियोजना का बांध मिट्टी से बन रहा है। बांध की 1110 मीटर लंबाई, 8.30 मीटर ऊंचाई होगी। सिंचाई के लिए बांध से 2. 40 किलोमीटर नहर निकाली जाएगी। इससे शंभूनाथ का खेड़ा, पीपल्दा, किशनपुरिया के किसानों की जमीन सिंचिंत होगी। बांध की कुल भराव क्षमता 29.12 एमसीएफटी होगी। जिसमें से उपयोगी 25.17 एमसीएफटी मात्रा होगी।
शंभूनाथका खेड़ा में हो रहा बांध का निर्माण
बांधका निर्माण तंबोलिया पंचायत के गांव शंभूनाथ का खेड़ा में किया जा रहा है। अभियंता केएल धाकड़ ने बताया कि इस बांध के निर्माण की घोषणा 2008 में भाजपा सरकार के समय हुई थी। इसका शिलान्यास भी किया गया था। इस बांध के निर्माण के लिए 2004 से लगातार कई मंचों पर आवाज उठाई गई। अब जाकर यह कार्य प्रारंभ हुआ है।
किसानोंको मिलेगा अवार्ड
इसबांध के निर्माण में 11 किसानों की भूमि डूब में रही है। सरकार ने किसानों की भूमि अवाप्त की है और इन किसानों को जलसंसाधन विभाग की और से अवार्ड के रूप में राशि दी जाएगी। धारा 4 एवं 6 की कार्यवाही की गई है। इसके लिए उपखंड अधिकारी ने पत्रावली बनाकर जिला कलेक्टर को भेजी थी। जहां से स्वीकृति मिलने के बाद जलसंसाधन विभाग एक्सईएन कार्यालय को भेजी गई। जहां से किसानों को अवार्ड की राशि के चैक जारी हो चुके है। प्रभावित किसानों को राज्य सरकार की ओर से जारी नई नीति से मुआवजा दिया जाएगा। इसमें लगभग 7 हैक्टेयर भूमि किसानों की है। जिनको मुआवजा देना है। मुआवजा राशि देने के लिए मौके पर भूअभिलेख निरीक्षक नाहरसिंह राठौर को भेजा गया है। इसमें 44 खातेदार बताए जा रहे है।
रावतभाटा। मालादेवी बांध परियोजना का काम जारी, जून तक होगा पूरा, इससे बोराव क्षेत्र की 138.78 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।