ई-मित्र संचालकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
रावतभाटा| ईमित्रसंचालकों ने ईमित्र की शुल्क व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इसको लेकर ईमित्र संघ बनाया गया और संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर ईमित्र की व्यवस्था और शुल्क को सम्मानजनक करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में संचालकों का कहना था कि पूरे महीने काम करने पर संचालकों को 800 से 900 रुपए मिल रहा है। जिससे इंटरनेट का बिल भी जमा नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्र में तो और भी बुरी स्थिति है। ईमित्र संचालकों को तो प्रताड़ित तक किया जाता है। ईमित्र संचालकों ने उदाहरण के तौर पर बताया कि यूनिवर्सिटी चालान बैंक के जरिए भरे जाते थे, तब बैंक द्वारा शुल्क लिया जाता था। अभी ईमित्र के माध्यम से 8 रुपए में शुल्क जमा कराया जा रहा है। उसमें से भी डीजीई, एलएसपी का कमीशन काट लिया जाता है। भामाशाह योजना से नरेगा, छात्रवृत्ति, पेंशन की राशि पहुंचाने में मात्र 5 रुपए की राशि दी जा रही है। जबकि डाक विभाग को इसी काम के लिए 25 रुपए दिए जाते थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग और बैठक में बुलाने के लिए कोई भत्ता नहीं दिया जा रहा। ईमित्र को मासिक कमीशन का मैसेज हर माह आता है, लेकिन कमीशन नहीं आती। ऐसे में ईमित्र संचालकों ने राशि बढ़ाने, सुविधा दिलाने, फिक्सराशि देने की मांग की है। संचालकों ने बैंकब्याज पर कर्ज दिलाने, इंटरनेट का भुगतान सरकार द्वारा करने, एलईडी बल्ब का कमीशन रेट स्पष्ट करने आदि की मांग की है। बना ईमित्र संघ-भैंसरोडगढ़ ब्लॉक में ईमित्र संघ का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष अनिलकुमार सुथार, उपाध्यक्ष सोहनलाल धाकड़, कोषाध्यक्ष किरणकुमार चौडिया, सचिव सत्यनारायण राठौर, मोनिका राठौर को बनाया गया। इस मौके पर सदस्य हेमराज माली, शिवप्रकाश, रामेश्वर, धर्मराज, चौथमल, नरेश, बालमुकुंद, अशोक धाकड़, अशोक राठौड़, रामलाल मेघवाल, मुकेशकुमार धाकड़, सत्यनारायण, शिवलाल, निर्मलधाकड़ आदि मौजूद थे।