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- \"पंचायत चुनावों के लिए पूरी तैयारी से जुट जाएं\'
\"पंचायत चुनावों के लिए पूरी तैयारी से जुट जाएं\'
सीकर. पूर्वमुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को सालासर जाते वक्त सीकर सर्किट हाउस में रूके। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। रामू का बास बाईपास पर कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर गहलोत का स्वागत किया। सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से बातचीत की। गहलोत के साथ उनकी प|ी भी मौजूद रही। यहां कुछ देर रुकने के बाद गहलोत सालासर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री महादेव सिंह खंडेला, जिला प्रमुख रीटा सिंह, नगर परिषद सभापति जीवण खां, उप जिला प्रमुख पूरण कंवर सहित कई नेता मौजूद रहे।
नेछवा.पूर्वमुख्यमंत्री अशोक गहलोत का मंगलवार शाम को कस्बे के कांग्रेस नेताओं ने स्वागत किया। विधायक गोविंदसिंह डोटासरा, कांताप्रसाद मोर कांग्रेस प्रवक्ता इस्लामुद्दीन खोखर के नेतृत्व में गहलोत के समर्थकों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने गहलोत को मालाओं से लाद दिया। गहलोत ने लोगों से आगामी चुनावों में कांग्रेस की जीत के लिए जुटने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास समिति के कमल किशोर मोर, ब्लॉक उपाध्यक्ष महेश मोर, पंचायत समिति सदस्य रमेश खंडेलवाल, रामावतार जोशी, गीगराज निठारवाल, हाजी मुराद खां, रामनिवास भंवरिया समेत कई लोग मौजूद थे। इसी तरह सेवद बड़ी में भी धोद मंडल कोषाध्यक्ष रामावतार अग्रवाल, श्यामसुंदर खंडेलवाल, गोपालराम के नेतृत्व में समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद गहलोत का काफिला सालासर की ओर निकल गया।
सीकर. रामू का बास तिराहा पर स्वागत करने के लिए गहलोत का इंतजार करते कांग्रेसी।
सुरक्षाकर्मियों ने जिला प्रमुख को रोका
सीकर. पूर्वमुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने पहुंची जिला प्रमुख को भीड़ के बीच सुरक्षाकर्मियों ने सर्किट हाउस के कमरे के गेट पर रोक दिया और अंदर नहीं जाने दिया। बाद में उन्होंने परिचय दिया तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कमरे में भेजा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भी होहल्ला किया। जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से बात की।
रींगसमें नहीं रुके गहलोत, महादेवसिंह खड़े रह गए
रींगस.पूर्वमुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन की सूचना पर मंगलवार शाम को पूर्व मंत्री महादेव सिंह खंडेला, महरोली ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच हनुमान सिंह सहित अनेक लोग स्वागत के लिए खड़े थे, लेकिन गहलोत यहां बिना रुके ही चले गए। गहलोत की ग