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कंचनपुर के सपूत की सैन्य सम्मान से अंत्येष्टि

7 वर्ष पहले
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अजीतगढ़. कंचनपुरनिवासी एवं आईटीबीपी में हैड कांस्टेबल पद पर चीन सीमा की पोस्ट पर तैनात बिरजूसिंह मीणा (40) पुत्र रामलाल मीणा का ऑक्सीजन कम मिलने के कारण 22 सितंबर रात को निधन हो जाने पर गुरुवार को पैतृक गांव में सैन्य सम्मान से अंत्येष्टि की गई। आठ वर्षीय पुत्र सुरेश को मुखाग्नि देते देख लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।

बिरजूसिंह की पार्थिव देह पोस्ट से दिल्ली तक वायुमार्ग से आई तथा दिल्ली से सड़क मार्ग होकर बुधवार रात को थोई थाने में पहुंची थी। गुरुवार सुबह थोई थाने से पार्थिव देह पैतृक गांव कंचनपुर के लिए रवाना हुई तो जनसैलाब लाड़ले सपूत के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ पड़ा।

बिरजूसिंह की अंतिम यात्रा में श्रीमाधोपुर विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष झाबरसिंह खर्रा,आईटीबीपी अरुणाचल प्रदेश से आए एएसआई मलखानसिंह, रींगस डिप्टी सतीश कुमार, श्रीमाधोपुर थाना प्रभारी राजकुमार, श्रीमाधोपुर तहसीलदार सुभाषचन्द्र, थोई थाना प्रभारी सोहनलाल, राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ जिला संयोजक शिवलाल मीणा, तहसील अध्यक्ष सांवर मल, सचिव गणेशराम, जिला परिषद सदस्य कर्मवीर घोसल्या, पंचायत समिति सदस्य नरेन्द्र सिंह शेखावत, सरपंच नानूलाल यादव, सिहोड़ी सरपंच रामेश्वरलाल मीणा, कल्याणपुरा सरपंच मोतीसिंह, क्षेत्रीय विकास परिषद सचिव सीपी झरवाल, जिला कांग्रेस सेवादल उपाध्यक्ष रोहिताश गुर्जर, पूर्व उपप्रधान बनवारीलाल यादव, झाबरमल मीणा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों लोग शामिल हुए।

अजीतगढ़. कंचनपुर में मुखाग्नि देता बिरजूसिंह मीणा का आठ वर्षीय पुत्र सुरेश सम्मान में हवाई फायर करते जवान।

पोस्ट पर ही रहने की थी जिद्द

बिरजूसिंहके भाई सुरज्ञान ने बताया कि उनके पास 22 सितंबर को फोन आया था कि उन्हें श्वांस लेने में दिक्कत रही है। सुरज्ञान ने बताया कि पिछले दिनों बिरजूसिंह की पोस्टिंग दिल्ली हो गई थी, लेकिन नौकरी सीमा की पोस्ट पर करने का जुनून था। उन्होंने सीमा की पोस्ट भूपिया के पहाड़ों में जीरो प्वाइंट पर ही नौकरी की।

दोवर्ष बाद था रिटायरमेंट : परिजनोंके अनुसार बिरजूसिंह का जन्म 1976 में हुआ था। वर्ष 1997 में आईटीबीपी में भर्ती हुए। उनकी सेवानिवृत्ति में दो साल ही बाकी थे।

परिजनोंका रो-रोकर बुरा हाल

बिरजूसिंहके परिवार में 75 वर्षीय पिता रामलाल, मां मेवादेवी, पत