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सीकर-चूरू के बीच 40 किमी डाली बड़ी रेल लाइन

5 वर्ष पहले
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रींगस में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे पुल

सीकर-जयपुरब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में प्रदेश का सबसे बड़ा रेल पुल बनाया जाएगा। इसके जरिए रींगस से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के ऊपर से ब्रॉडगेज ट्रेन की क्रॉसिंग करवाई जाएगी। मेट्रो ट्रेन के कॉलम की तर्ज पर बनाए जाने वाले 8.7 किमी लंबे रेलवे पुल के निर्माण पर 150 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। रेलवे का निर्माण विभाग इसकी योजना बना चुका है। जल्द ही टेंडर प्रकिया शुरू होगी।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक सीकर-जयपुर ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए छोटा गुढ़ा से रींगस तक रेल पुल बनाया जाएगा। कुछ दूरी तक मिट्‌टी डालकर धीरे-धीरे पुल की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। इसके बाद 18-18 मीटर के 157 ब्लॉक छोड़े जाएंगे। सेंट्रल प्वाइंट पर पुलिया की ऊंचाई करीब आठ मीटर होगी। ताकि रेल और अन्य बड़े वाहन आसानी से दूसरी तरफ क्रॉस हो सकें। सुविधा के लिए पुलिया को घुमावदार बनाया जाएगा। रेलवे पुल निर्माण के लिए टेंडर की प्रकिया शुरू होने के बाद ही अप्रैल में सीकर जयपुर रेल लाइन को बंद करने के फैसले पर आखिरी मुहर लगाई जाएगी।

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रींगस में बनेगा



सीकरजयपुर फेज में पुलिया निर्माण और ब्रॉडगेज लाइन डालने का काम एक साथ होने से प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जा सकेगा। क्योंकि जयपुर से सीकर के बीच चालू रखे जाने वाले स्टेशनों पर बिल्डिंग का काम पहले हो चुका है। अन्य कामकाज भी प्रक्रियाधीन है।

भास्कर नॉलेज : ये दुनिया के कुछ बड़े पुलों के उदाहरण

हिमालय के पहाड़ों में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे पुल बनाया जा रहा है। इसका काम 2016 में पूरा होगा। यह एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा होगा। पुल का काम 2002 में शुरू हुआ था, लेकिन सुरक्षा और अन्य कारणों के कारण यह प्रोजेक्ट 2008 में रुक गया था। इसके दो साल बाद प्रोजेक्ट को पूरा करने की मंजूरी दी गई। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 92 मिलियन डॉलर है। इस प्रोजेक्ट को कोंकण रेलवे कार्पोरेशन विकसित कर रहा है। यह पुल बारामूला को जम्मू के साथ जोड़ेगा। इसकी लंबाई 1315 मीटर होगी।

सबसे लम्बा सड़क पुल : महात्मा गांधी सेतु (पटना, बिहार)

गंगा नदी पर बने “महात्मा गांधी सेतु” पुल की लंबाई 5.8 किलो मीटर है। इसे 1982 में आम जनता के लिए खोला गया था। यह महात्मा गांधी सेतु पुल पटना को हाजीपुर से मिलाता है। इसे पुल को “गंगा सेतु” के नाम से भी जाना जाता है।

रानोलीमें भी बनेगा आधा किमी का पुल

इसट्रैक पर दूसरा सबसे बड़ा पुल रानोली नदी पर बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब आधा किमी होगी। मीटर गेज लाइन के दौरान भी रानोली नदी पर पुल बनाया था। बारिश के पानी की निकासी के लिए ब्रॉडगेज ट्रैक में भी यहां पुलिया रखा जाएगा। इसमें 18-18 मीटर के छह ब्लॉक छोड़े जाएंगे।

फ्रेट कॉरिडोर की वजह से लिया है फैसला

दिल्लीमुंबई फ्रेट कॉरिडोर देश के दो बड़े शहरों को जोड़ने वाला प्रोजेक्ट है। इसमें मालगाड़ी आने और जाने के लिए दो अलग-अलग ट्रैक बनाए जा रहे हैं ताकि मालगाड़ी को कहीं क्रॉसिंग नहीं करवाना पड़ा। इस ट्रैक को क्रॉस कर रही जयपुर सीकर रेल लाइन के लिए रींगस में पुल बनाया जाना है। ताकि दोनों ट्रैक एक दूसरे को प्रभावित नहीं करे।

^एक ट्रेन को दूसरी ट्रेन के ऊपर से क्रॉस करवाने के लिए रींगस में प्रदेश में पहला फ्लाई ओवर बनाया जा रहा है। प्रदेश में यह सबसे बड़ा रेल फ्लाई ओवर होगा। इससे एक-दूसरे ट्रेनों की क्रॉसिंग के समय की बचत होगी। -तरूण जैन, सीपीआरओ जयपुर मंडल

रींगस. छोटा गुढा रेलवे स्टेशन पर चल रहा निर्माण कार्य।

सीकर-चूरू के बीच चल रहे ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में 91 किमी में से 40 किलोमीटर तक बड़ी रेल पटरियां डाली जा चुकी हैं। मार्च तक पटरियां बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा सिग्नल वर्क के लिए बुधवार को टेंडर खोले जाएंगे। बिल्डिंग अन्य कंस्ट्रक्शन का काम भी शुरू हो चुका है। सीकर लुहारु की बजाय सीकर-चूरू फेज का काम तेज रफ्तार से हो रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि साल के आखिरी तक सीआरएस करवा दिया जाए।

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