अंडरपास नहीं बना तो करेंगे आंदोलन
शहरमें अंडरपास की मांग को लेकर उपखंड कार्यालय पर गत तीन दिसंबर से चल रहा क्रमिक अनशन गुरुवार को भी जारी रहा। गुरुवार को पेंशनर समाज के सदस्य अनशन पर बैठे और जल्द अंडरपास के लिए राशि देने की मांग की।
शहर में अंडरपास गत वर्ष कांग्रेस के शासन में स्वीकृत हुआ था। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसका शिलान्यास भी किया। इसके बाद विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो अंडरपास भी अधरझूल में रह गया। एक वर्ष बाद भी राज्य सरकार ने अंडरपास के लिए 5 करोड़ 6 लाख रुपए नहीं दिए हैं। जिससे अंडरपास का काम शुरू नहीं हुआ। रेलवे लाइन से दो हिस्सों में बंटे शहर में आने-जाने के लिए लोगों को तीन से चार किमी का चक्कर काटना पड़ रहा है। क्षेत्रीय विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने आठ दिसंबर तक राशि दिलवाने का आश्वासन दिया था। जो अभी तक नहीं मिला। इससे लोगों में नाराजगी है। उपखंड कार्यालय पर गुरुवार को पेंशनर समाज के सदस्य उपशाखा अध्यक्ष रामकुमार भारद्वाज के नेतृत्व में क्रमिक अनशन पर बैठे। यहां मदनलाल शर्मा, रामप्रताप गौतम, रामचंद्र वैष्णव, रामेश्वर गुप्ता, भंवरलाल सुमन, जगदीशचंद शर्मा, रामकिशन शर्मा, मदनलाल धाकड़, गेंदीलाल कुल्मी, श्यामसुंदर श्रृंगी, महिपालसिंह, रामलाल शर्मा, नंदकिशोर श्रोत्रीय, रामचंद्र पुरोहित, जगन्नाथ मेहरा क्रमिक अनशन पर बैठे।
रामगंजमंडी। अंडरपास के लिए गुरुवार को पेंशनर्स क्रमिक अनशन पर बैठे।