गारंटी अवधि में भी सड़कें खस्ताहाल
बरसातसे क्षतिग्रस्त हुई इन सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी, जिसमें ओडीआर 11 रावतभाटा-गांधीसागर की 0 से 4 किलोमीटर, स्टेट हाइवे 9 सड़क मार्ग की 17 किलाेमीटर, स्टेट हाइवे 33 दो किलोमीटर, ओडीआर रावतभाटा- गांधीसागर मार्ग 21 किलाेमीटर, ओडीआर एकलिंगपुरा-चेचट-रामगंजमंडी मार्ग 3 किलोमीटर सहित संपर्क सड़कों में बोराव-गोपालपुरा, रेनखेड़ा-बड़ौदिया, सांखलोंकाढूंढा, धारड़ी-जालखेड़ा, बोराव-प्रतापपुरा, रतनगढ़-गिरडिया, मेघनिवास, धांगणमऊ से धांगणमऊखुर्द, सुखपुरा सड़कें शामिल है।
निविदाके बाद भी नहीं हुआ कार्य प्रारंभ सार्वजनिकनिर्माण विभाग की ओर से रावतभाटा-गांधीसागर सड़क मार्ग की मरम्मत के लिए निविदा जारी कर ठेकेदार को 16 किलाेमीटर सड़क की मरम्मत के लिए कार्यादेश जारी किया। ठेकेदार आया और कार्य करने के लिए सडृक का निरीक्षण किया और वापिस चला गया। सड़क कार्य प्रारंभ नहीं होने से वाहन चालकों को परेशान होना पड़ रहा है और वाहनों में टूटफूट हो रही है। यह सड़क राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाली सड़क है।
निविदाही नहीं डाली एकलिंगपुरा-मन्याखेड़ी,रामगंजमंडीओडीआर 12 की पीडब्ल्यूडी ने 8 किलोमीटर सड़क मरम्मत, डामरीकरण की निविदा जारी की, लेकिन किसी ठेकेदार ने निविदा ही नहीं डाली। जिस कारण इस सड़क मार्ग पर आए दिन वाहनों का जाम लगा रहता है। उपखंड में पीडब्ल्यूडी की 450 किलोमीटर लंबाई की सड़कें है। जिनमें कई सड़कें गारंटी अवधि की है। जिनकी मरम्मत ठेकेदार का करनी है, लेकिन अभी तक ठेकेदारों ने मरम्मत नहीं की। कई सड़कों की अवधि भी समाप्त होने वाली है। वहीं विभाग की ओर से यह कहा जा रहा है कि इन सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से भी निविदा निकाली गई है। इन सड़कों की मरम्मत की राशि ठेकेदारों से वसूल की जाएगी, लेकिन यह सड़कें कब ठीक होंगी, इसका लोगों को इंतजार है।
बरसात से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के प्रस्ताव बनाकर भिजवाए है। जो शीघ्र ही स्वीकृत होने की संभावना है। स्वीकृति के बाद कार्य कराया जाएगा। नई बनी सड़कें जो बरसात से क्षतिग्रस्त हुई है, उनकी भी ठेकेदारों से मरम्मत कराई जाएगी। एमएलमीणा एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बेगूं चित्तौडगढ़
रावतभाटा। बरसात में क्षतिग्रस्त रावतभाटा-गांधीसागर सड़क, जिसके फ्लड डैमेज में मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए हंै।