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शब्दप्रताप आश्रम में हुआ शब्द गायन, देशभर से जुटे सत्संगी

6 वर्ष पहले
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शोभायात्रा में गूंजे भगवान देवनारायण के जयकारे

रामगंजमंडी| शहरसहित क्षेत्र में रविवार को देवनारायण जयंती मनाई गई। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहर में जुल्मी रोड स्थित भगवान देवनारायण मंदिर पर शनिवार रात जागरण का आयोजन किया गया। सोमवार को जयंती पर गुर्जर समाज की ओर से भगवान देवनारायण की विशेष पूजा-अर्चना की गई।

इसके बाद मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इसमें भजनों पर समाज के महिला-पुरुष नाचते चल रहे थे। शोभायात्रा अंबेडकर सर्किल, बाजार नंबर तीन सहित प्रमुख बाजारों से होती हुई वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां पर महाप्रसादी का वितरण किया गया। वहीं किशोरपुरा गांव में गुर्जर समाज की ओर से देवनारायण की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा से पहले कलश और घोड़ी पर बैठने के लिए बोलियां लगाई गई। इसके बाद निकाली गई शोभायात्रा में सबसे आगे ध्वजा लेकर 15 घुड़सवार चल रहे थे। शोभायात्रा गांव में होती हुई वापस देवनारायण मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां पर प्रसादी वितरण किया गया। देवनारायण जयंती के चलते गांव से गुर्जर समाज के लोगों ने दूध का वितरण बंद रखा।

मारुतिनगरमें प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव आज से

रामगंजमंडी.मारुति नगर में नवनिर्मित चौथ माता मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव सोमवार से प्रारंभ होगा। महोत्सव के तहत सोमवार सुबह दस बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। मंगलवार को रात्रि जागरण होगा। बुधवार को मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कर महाप्रसादी वितरित की जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव महेशचंद शर्मा संपन्न करवाएंगे।

रामगंजमंडी। देवनारायण जयंती पर किशोरपुरा में निकाली गई शोभायात्रा।

भास्कर न्यूज | रावतभाटा

शब्दप्रताप सत्संग आश्रम के पवित्र समाध उदघाटन दिवस पर वार्षिक भंडारा रविवार को हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इससे पूर्व शनिवार रात सत्संग पाठ, महात्माओं के शब्दप्रार्थना, फरियाद, पुकार का गायन हुआ।

शब्द प्रताप सत्संग आश्रम के संस्थापक आरएल नागर ने बताया कि रविवार सुबह एक प्रार्थना एवं भजन ध्यान, ध्वनि एवं गायन हुआ। 10 से 11.30 बजे तक विशेष सत्संग पाठ हुआ। दोपहर 12 बजे से भंडारा आयोजित किया गया। इसमें देर शाम तक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। महिलाओं की ओर से सत्संग पाठ किया गया। शाम को ध्वनि एवं गायन, 7 से 8.30 बजे तक सत्संग पाठ एवं 9 से 9.30 बजे प्रार्थना हुई। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, भोपाल, जयपुर, ग्वालियर एवं देश के अलग-अलग क्षेत्रों से सत्संगी आए थे।

वार्षिक सत्संग शुभारंभ दिवस पर लोगों को सच्ची सत्संग की परिभाषा के साथ मुक्ति की परिभाषा सिखाई गई। कार्यक्रम में एसआर पटेल, पीएन नागर, महेशशर्मा, माधूसिंह देवड़ा, एनडी वैष्णव, पूरणदास वैष्णव, आसूलाल रेबारी, नंदकिशोर शर्मा, महेशनागर, आनंदनागर, मुकेश रेबारी, लालसिंह देवड़ा, उमेशटेलर, समीक्षानागर, इशिकानागर, जोधराजनागर, एमपी श्रीवास्तव सहित सत्संगियों ने सेवाएं दी। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। ग्वालियर से आए हर्षगुप्ता ने बेल के पौधे का रोपण किया। हुजुरदाता दयाल की जानकारी दी। नेक काम कैसे करें, इसके बारे में सत्संगियों को बताया। इस अवसर पर शब्दप्रताप आश्रम को विद्युतसज्जा कर सजाया गया।

नवलसाहबजयंती पर निकाली शोभायात्रा

रावतभाटा।अखिलभारतीय वाल्मीकि महासभा की ओर से नवल साहब की 236वीं जयंती पर रविवार को शोभायात्रा निकाली गई। अध्यक्ष भैरूलाल बारेशा ने बताया कि नवलसाहब मंदिर में कलशयात्रा, घुड़सवारी की बोली लगाई गई। घुड़सवारी की बोली सोहनलोट के नाम रही। शोभायात्रा में 31 कन्याएं सिर पर कलश लिए चल रही थीं। शोभायात्रा नवल साहब मंदिर से प्रारंभ हुई, जो नीचे बाजार, बैरियर होते हुए न्यू मार्केट से नवलसाहब मंदिर पहुंची। कार्यक्रम में अध्यक्ष बाबूलाल चनाल, गोपाललाल सफेला, जगदीश चनाल, छीतरलाल डाबोड़िया, सुरेंद्रबोयत, राजूलाल सफेला, जगदीश डाबोडिया, जितेंद्र सफेला, मुकेश डूलगज, अशोक चनाल, पूर्व सरपंच कुशालबारेशा सहित समाज के लोग मौजूद थे।

संसारमें सुख बांटोगे, तो मिलेगा सुख

रावतभाटा।सतगुरुसंसार में तब प्रकट होता है, जब संसार में अधर्म की अधिकता हो जाती है। जीव करमों में पड़ जाता है। एेसे समय यह निरंकार प्रभु परमात्मा, साकार रूप लेकर धरती पर उपकार करने के लिए आता है। यह बात संत निरंकारी मंडल में रविवार को आरएस बिंद्रा ने कही। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा दान, नाम दान है। जिससे आवागमन का चक्र समाप्त होता है और मन को शीतलता मिलती है। वास्तव में सदगुरु जीव को कर्म कांडों से निकाल गृहस्थ रहते हुए जीवन मुक्त करता है। सदगुरु यह बताता है कि संसार में सुख बांटोगे तो सुख मिलेगा, दुख बांटोगे तो दुख ही प्राप्त होता है।

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